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राजस्थान निकाय चुनाव : कल खुलेगा ईवीएम का पिटारा

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

जयपुर। राजस्थान में दो चरणों में हुए नगरीय निकाय चुनावों के बाद अब सभी की नजरें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में पार्षद…

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राजस्थान निकाय चुनाव : कल खुलेगा ईवीएम का पिटारा

जयपुर। राजस्थान में दो चरणों में हुए नगरीय निकाय चुनावों के बाद अब सभी की नजरें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में पार्षद पद के लिए हुए चुनाव का फैसला सोमवार को सामने आएगा।

सुबह 8 बजे से शुरू होगी गिनती

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। पहले और दूसरे चरण में मतदान के बाद ईवीएम में बंद प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला एक साथ होगा। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और अधिकृत पासधारकों को ही प्रवेश दिया जाएगा।

18 हजार से ज्यादा प्रत्याशियों का फैसला

इस चुनाव में प्रदेश के 309 निकायों के 10,245 वार्डों के लिए बड़ी संख्या में प्रत्याशी मैदान में थे। दूसरे चरण के मतदान के साथ ही प्रदेशभर में पार्षद प्रत्याशियों का चुनावी भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। अब मतगणना के साथ ही भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों के दावों की असली परीक्षा होगी।

पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान

पहले चरण में प्रदेश में 76.41 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में लगभग 70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और पाली समेत प्रमुख नगर निगमों में मतदान हुआ।

जयपुर से बीकानेर तक निगाहें

मतगणना में प्रदेश के बड़े शहरों के साथ बीकानेर नगर निगम के नतीजे भी बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। बीकानेर में मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। अब परिणाम यह तय करेंगे कि निगम में किस दल को बढ़त मिलती है और बोर्ड बनाने की स्थिति किसके पक्ष में बनती है।

... शुरू होगी बोर्ड बनाने की कवायद

पार्षदों के परिणाम आने के बाद नगर निगमों और नगर निकायों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलेंगे। जिन निकायों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा, वहां निर्दलीय और अन्य दलों के निर्वाचित पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है।

अब 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से ईवीएम खुलेंगी और राजस्थान के शहरों की नई सियासी तस्वीर सामने आने लगेगी। मतगणना के शुरुआती रुझानों के साथ ही भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबले की दिशा भी स्पष्ट होने लगेगी।

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