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राजस्थान निकाय चुनाव : दूसरे चरण का मतदान कल

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

जयपुर, 10 सितंबर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर को मतदान होगा। इस चरण में राजधानी जयपुर सहित जोधपुर, कोटा और अन्य नगर निगमों के साथ कई नगर…

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राजस्थान निकाय चुनाव : दूसरे चरण का मतदान कल

मुख्य बातें

  1. छह नगर निगमों में ईवीएम में कैद होगा प्रत्याशियों का भविष्य
  2. राज्य निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए इंतजाम
  3. भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय मैदान में

जयपुर, 10 सितंबर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर को मतदान होगा। इस चरण में राजधानी जयपुर सहित जोधपुर, कोटा और अन्य नगर निगमों के साथ कई नगर परिषदों एवं नगरपालिकाओं में मतदाता अपने जनप्रतिनिधियों का चयन करेंगे। चुनाव प्रचार थमने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजर मतदान और उसके परिणामों पर टिक गई है।

दूसरे चरण के चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। नगर निगमों के पार्षद पदों के लिए विभिन्न वार्डों में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर बागी प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। मतदान दलों को उनके गंतव्य स्थानों के लिए रवाना कर दिया गया है तथा सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

चुनाव आयोग के अनुसार मतदान सुबह निर्धारित समय से शुरू होकर शाम तक चलेगा। मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा और निर्धारित तिथि पर मतगणना की जाएगी।

राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न निकाय क्षेत्रों में सभाएं, रोड शो और जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया।

दूसरे चरण का यह चुनाव स्थानीय निकायों की सत्ता के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव परिणामों से न केवल नगर निगमों और निकायों की तस्वीर स्पष्ट होगी, बल्कि प्रमुख राजनीतिक दलों की जनाधार और संगठनात्मक शक्ति की भी परीक्षा होगी। अब लाखों मतदाताओं के फैसले के साथ प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य शुक्रवार को ईवीएम में कैद हो जाएगा।

विषय:#Rajasthan#news
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