मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

महिपाल सिंह मकराना बोले—‘सवर्ण समाज दोनों दलों को वोट की ताकत का एहसास कराएगा’, UGC को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर, 1 सितंबर। नगर निकाय चुनाव के बीच श्री राजपूत करणी सेना ने राजनीतिक दलों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भाजपा और कांग्रेस के बहिष्कार का ऐलान किया है। करणी सेना के राष्ट्रीय…

शेयर करें
Read in English
महिपाल सिंह मकराना बोले—‘सवर्ण समाज दोनों दलों को वोट की ताकत का एहसास कराएगा’, UGC को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

मुख्य बातें

  1. भाजपा और कांग्रेस के बहिष्कार का किया ऐलान
  2. ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और उग्र करने का किया ऐलान

बीकानेर, 1 सितंबर। नगर निकाय चुनाव के बीच श्री राजपूत करणी सेना ने राजनीतिक दलों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भाजपा और कांग्रेस के बहिष्कार का ऐलान किया है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने मंगलवार को बीकानेर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यदि सरकार ने UGC से जुड़े मुद्दे पर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

मकराना ने जयपुर में आयोजित रैली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महिलाओं पर वाटर कैन चलाने और लाठीचार्ज के जरिए आंदोलन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका आंदोलन इससे रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि UGC को लेकर रोलबैक की मांग तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं करती।

‘इस बार दोनों पार्टियों को वोट नहीं’

नगर निकाय चुनाव को लेकर मकराना ने कहा कि इस बार करणी सेना कांग्रेस और भाजपा को वोट नहीं देने का आह्वान कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सवर्ण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करती है, जबकि भाजपा यह मानकर चलती है कि सवर्ण मतदाता उसके अलावा कहीं नहीं जाएंगे।

मकराना ने कहा कि सवर्ण समाज इन चुनावों में दोनों दलों का बहिष्कार कर अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराएगा। उन्होंने खुद को दोनों दलों का कोर वोटर बताते हुए कहा कि इस चुनाव में वोट की ताकत के जरिए जवाब दिया जाएगा।

‘समय रहते फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन होगा उग्र’

UGC के मुद्दे पर सरकार को चेतावनी देते हुए मकराना ने कहा कि उनके अनुसार इसके चलते समाज में आपसी टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को समय रहते इस विषय पर ठोस निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा आंदोलन का स्वरूप आने वाले दिनों में और व्यापक होगा।

उन्होंने कहा कि जयपुर की रैली में भगवान परशुराम और मां भगवती की शपथ लेकर UGC का विरोध जताया गया था। उनका आरोप है कि जिन समाजों के साथ राजपूत समाज के लंबे समय से सामाजिक संबंध रहे हैं, उनके बीच UGC के माध्यम से विवाद पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

पदयात्रा पर टिप्पणी को लेकर भी साधा निशाना

मकराना ने करणी सेना की पदयात्रा का उपहास उड़ाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पदयात्रा को नाटक बताकर उसका मजाक उड़ाया गया, जबकि देश के बड़े आंदोलनों में पैदल यात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि जयपुर और हरियाणा की रैलियों में समाज ने अपनी ताकत का प्रदर्शन कर दिया है। यदि केंद्र सरकार UGC के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो विरोध लगातार तेज होता जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें