मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

नगर निगम चुनाव : वार्ड 73 में कांग्रेस को बड़ा झटका,आनंद जोशी "दरबार" निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव

टिकट नहीं मिलने से नाराज जोशी का बड़ा ऐलान, अनिल कल्ला के सामने अब कांग्रेस के ही नेता की चुनौती

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी अब बगावत के रूप में सामने आने लगी है। वार्ड 73 से कांग्रेस नेता आनंद जोशी दरबार ने निर्दलीय चुनाव…

शेयर करें
Read in English
नगर निगम चुनाव : वार्ड 73 में कांग्रेस को बड़ा झटका,आनंद जोशी "दरबार" निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी अब बगावत के रूप में सामने आने लगी है। वार्ड 73 से कांग्रेस नेता आनंद जोशी "दरबार" ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। जोशी ने आज अपनी चुनावी दावेदारी को लेकर स्थिति साफ करते हुए कांग्रेस से अलग होकर चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की।

आनंद जोशी के इस फैसले से वार्ड 73 का चुनावी मुकाबला अचानक रोचक हो गया है। कांग्रेस की ओर से इस वार्ड में अनिल कल्ला को टिकट दिया जाना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशियों की सूची अभी जारी नहीं हुई है। ऐसे में अंतिम तस्वीर पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

टिकट की दौड़ में थे आनंद जोशी-आनंद जोशी दरबार ने वार्ड 73 से कांग्रेस प्रत्याशी बनने के लिए पार्टी में आवेदन किया था। संगठन में सक्रिय रहने के साथ-साथ जोशी की स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक सक्रियता रही है। वे शहर कांग्रेस महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

टिकट को लेकर वार्ड 73 में जोशी की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा था। इसके अलावा मोहम्मद ताहिर भी टिकट की दौड़ में प्रमुख दावेदारों में शामिल बताए जा रहे थे। लेकिन अंतिम समय में अनिल कल्ला का नाम आगे आने से जोशी की उम्मीदों को झटका लगा।

डॉ. कल्ला के विरोध के चलते टिकट नहीं मिलने की चर्चा-राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के विरोध के चलते आनंद जोशी को कांग्रेस का टिकट नहीं मिल पाया। हालांकि इस संबंध में डॉ. कल्ला की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

जोशी के निर्दलीय चुनाव लड़ने के ऐलान को कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण से उपजी नाराजगी के बड़े उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। खास बात यह है कि जिस वार्ड में कांग्रेस का टिकट पाने के लिए पार्टी के कई नेता दावेदारी कर रहे थे, अब वहीं कांग्रेस का एक सक्रिय नेता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने जा रहा है।

अनिल कल्ला के सामने अब सीधी चुनौती-वार्ड 73 में कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला का नाम तय माना जा रहा है। अनिल कल्ला पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे हैं। ऐसे में उनका मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है।

एक तरफ कांग्रेस का अधिकृत उम्मीदवार होगा, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के ही नेता रहे आनंद जोशी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में होंगे। जोशी के निर्दलीय उतरने से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के नाराज कार्यकर्ताओं और जोशी समर्थकों को साधने की होगी। यदि जोशी अपनी संगठनात्मक पहचान और स्थानीय समर्थकों को चुनावी मैदान में सक्रिय करने में सफल रहते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है।

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें