मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

राजस्थान न्यूज़ : कांग्रेस में टिकट को लेकर महाभारत ! अजमेर में रामलाल जाट-धीरज गुर्जर आमने-सामने

डोटासरा के सामने गरमाया माहौल, तीखी बहस से कथित गाली-गलौज तक पहुंचा मामला

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

जयपुर । नगर निकाय चुनाव में टिकटों की घोषणा से पहले ही कांग्रेस के भीतर टिकट की लड़ाई ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अजमेर में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान उस…

शेयर करें
Read in English
राजस्थान न्यूज़ : कांग्रेस में टिकट को लेकर महाभारत ! अजमेर में रामलाल जाट-धीरज गुर्जर आमने-सामने

मुख्य बातें

  1. टिकट पर तकरार, नेताओं के बीच बढ़ा टकराव
  2. एक टिकट... कई दावेदार, कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
  3. जाट-गुर्जर खेमों की खींचतान ने बढ़ाई बेचैनी

जयपुर। नगर निकाय चुनाव में टिकटों की घोषणा से पहले ही कांग्रेस के भीतर टिकट की लड़ाई ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अजमेर में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान उस वक्त खुलकर सामने आ गई, जब पूर्व मंत्री रामलाल जाट और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर आमने-सामने आ गए। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते मामला कथित तौर पर गाली-गलौज तक पहुंच गया।

घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और टिकटों को लेकर बढ़ती बेचैनी को उजागर कर दिया है। पार्टी में जहां एक ओर अधिकृत प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मंथन चल रहा है, वहीं दूसरी ओर टिकट के दावेदार और उनके समर्थक अपने-अपने नेताओं के जरिए दबाव बनाने में जुटे हैं।

टिकट पर तकरार, नेताओं के बीच बढ़ा टकराव-अजमेर में टिकटों को लेकर चल रही चर्चा के दौरान किसी दावेदार के नाम को लेकर रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच मतभेद की बात सामने आई है। चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मौके पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया।

अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि टिकट किसे मिलेगा, बल्कि यह भी है कि टिकट कटने के बाद कौन नेता और कौन सा गुट पार्टी के साथ खड़ा रहेगा।

वार्ड 45 में टायर जलाकर विरोध, टिकट को लेकर सड़क पर गुस्सा-अजमेर में टिकटों को लेकर नाराजगी सिर्फ बंद कमरों की बैठकों तक सीमित नहीं रही। कांग्रेस की अधिकृत सूची जारी होने से पहले ही वार्ड 45 में बाहरी प्रत्याशी को टिकट दिए जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं के टायर जलाकर प्रदर्शन करने की बात सामने आई है।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रहने वाले स्थानीय दावेदारों की अनदेखी कर बाहरी चेहरे को तरजीह दी जा रही है। विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।

इधर वार्ड 13, 15, 32 और 4 में भी टिकट को लेकर दावेदारों के समर्थकों की लामबंदी तेज होने की चर्चा है। कई जगहों पर कार्यकर्ता अपने पसंदीदा दावेदार के समर्थन में खुलकर मैदान में उतर आए हैं।

एक टिकट... कई दावेदार, कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती-निकाय चुनाव में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी परेशानी उन वार्डों में है, जहां एक टिकट के लिए कई मजबूत दावेदार मैदान में हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने किसी एक नाम पर मुहर लगाने के साथ ही दूसरे दावेदारों को साधने की चुनौती भी है।

क्योंकि टिकट नहीं मिला तो नाराज दावेदार निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं या भीतरघात का खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि विवादित वार्डों में अंतिम निर्णय को लेकर पार्टी नेतृत्व बेहद सावधानी बरत रहा है।

जाट-गुर्जर खेमों की खींचतान ने बढ़ाई बेचैनी-अजमेर और मालवीय नगर से जुड़े घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर चल रही खेमेबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच सामने आया टकराव इस बात का संकेत माना जा रहा है कि टिकट वितरण अब सिर्फ प्रत्याशी चयन नहीं, बल्कि संगठन के भीतर प्रभाव और वर्चस्व की लड़ाई भी बनता जा रहा है। प्रदेश नेतृत्व के सामने चुनौती साफ है—टिकट बांटने हैं, लेकिन साथ ही नाराजगी को बगावत में बदलने से भी रोकना है।

सूची आने से पहले ही सड़कों पर सियासी गर्मी-कांग्रेस की अधिकृत सूची अभी सामने भी नहीं आई है और कई वार्डों में समर्थन, विरोध, नारेबाजी और दावेदारी का दबाव दिखाई देने लगा है। ऐसे में टिकटों की घोषणा के बाद तस्वीर और ज्यादा गरम होने की आशंका जताई जा रही है।

अब सबकी नजर कांग्रेस की अधिकृत सूची पर टिकी है। किसके नाम पर मुहर लगती है, किसका टिकट कटता है और टिकट कटने के बाद कौन बगावत का झंडा उठाता है—निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती दिखाई दे रही है।

स्रोत: NSI MEDIA

विषय:#Congress#Rajasthan
शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें