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बीकानेर निगम चुनाव : रविवार को कांग्रेस बांटेगी ‘सिंबल’, प्रत्याशियों को मिलेगा चुनावी मैदान में उतरने का हरी झंडी

प्रभारी और अध्यक्ष मेघवाल की मौजूदगी में अधिकृत प्रत्याशियों को मिलेगा पार्टी का चुनाव चिन्ह, इसके बाद वार्डों में तेज होगा प्रचार का शोर

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। नगर निगम चुनाव की सियासी जंग अब पूरी तरह मैदान में उतरने को तैयार है। टिकटों को लेकर चली लंबी माथापच्ची के बाद कांग्रेस अब अपने प्रत्याशियों को ‘सिंबल’ देकर चुनावी…

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बीकानेर निगम चुनाव : रविवार को कांग्रेस बांटेगी ‘सिंबल’, प्रत्याशियों को मिलेगा चुनावी मैदान में उतरने का हरी झंडी

मुख्य बातें

  1. एक तरफ सिंबल, दूसरी तरफ बागियों की चुनौती

बीकानेर। नगर निगम चुनाव की सियासी जंग अब पूरी तरह मैदान में उतरने को तैयार है। टिकटों को लेकर चली लंबी माथापच्ची के बाद कांग्रेस अब अपने प्रत्याशियों को ‘सिंबल’ देकर चुनावी मुकाबले में औपचारिक रूप से उतारने जा रही है। रविवार को कांग्रेस के प्रभारी और अध्यक्ष मेघवाल बीकानेर पहुंचेंगे और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह देंगे ।

टिकट की तस्वीर साफ, अब सिंबल की बारी

कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर कई दिनों से चल रही कवायद के बाद अब प्रत्याशियों के लिए अगला बड़ा पड़ाव सिंबल वितरण है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को सिंबल मिलने के बाद वार्डों में चुनाव प्रचार का माहौल और गर्माने की उम्मीद है।

अब तक टिकट के दावेदार अपने समर्थकों के साथ सक्रिय थे, लेकिन सिंबल मिलने के बाद अधिकृत प्रत्याशी पूरी ताकत से मतदाताओं के बीच उतरेंगे। घर-घर संपर्क, छोटी बैठकों और कार्यकर्ताओं की टीमों के जरिए वार्डों में प्रचार अभियान को धार देने की तैयारी है।

एक तरफ सिंबल, दूसरी तरफ बागियों की चुनौती

कांग्रेस के सामने केवल चुनाव मैदान में उतरने की चुनौती नहीं है। टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों और उनके समर्थकों को साधना भी पार्टी नेतृत्व के लिए अहम होगा। कई वार्डों में टिकट के लिए मजबूत दावेदार रहे नेताओं की नाराजगी चुनावी समीकरण बदल सकती है।

ऐसे में सिंबल वितरण के साथ कांग्रेस नेतृत्व की नजर पार्टी के भीतर उठने वाले असंतोष और संभावित बगावत पर भी रहेगी। संगठन की कोशिश होगी कि अधिकृत प्रत्याशियों के साथ स्थानीय कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जाए और चुनाव में पार्टी का वोट बिखरने से रोका जाए।

रविवार के बाद बदलेगा वार्डों का माहौल

सिंबल मिलने के बाद कांग्रेस प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके साथ ही वार्डों में पोस्टर-बैनर, जनसंपर्क, बैठकों और प्रचार का दौर तेज होने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के चेहरे सामने आने के साथ वार्डवार मुकाबलों की तस्वीर भी धीरे-धीरे साफ होगी।

स्थानीय स्तर पर सड़क, सफाई, पानी, सीवर, रोशनी और विकास कार्य जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में व्यक्तिगत संपर्क और स्थानीय समीकरणों के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे।

अब असली परीक्षा संगठन की

कांग्रेस के लिए सिंबल वितरण के बाद असली परीक्षा शुरू होगी। पार्टी कितनी तेजी से प्रत्याशियों के पीछे संगठन को खड़ा करती है और टिकट से वंचित दावेदारों को कितना साध पाती है, इसका सीधा असर चुनावी मैदान में दिखाई देगा।

रविवार को सिंबल मिलते ही कांग्रेस के प्रत्याशी ‘दावेदार’ से ‘अधिकृत उम्मीदवार’ बनकर मैदान में उतरेंगे। इसके बाद बीकानेर के वार्डों में चुनावी शोर और सियासी घमासान दोनों तेज होने के आसार हैं।

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