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बीकानेर नगर निगम चुनाव : वार्ड 62 में भाजपा की टिकट पर बवाल, गोपाल अग्रवाल की संभावित उम्मीदवारी का विरोध

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में भाजपा के टिकटों को लेकर चल रही माथापच्ची अब वार्डों में भी रंग दिखाने लगी है। वार्ड नंबर 62 में गोपाल अग्रवाल के नाम को लेकर विरोध ने पार्टी की…

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बीकानेर नगर निगम चुनाव : वार्ड 62 में भाजपा की टिकट पर बवाल, गोपाल अग्रवाल की संभावित उम्मीदवारी का विरोध

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में भाजपा के टिकटों को लेकर चल रही माथापच्ची अब वार्डों में भी रंग दिखाने लगी है। वार्ड नंबर 62 में गोपाल अग्रवाल के नाम को लेकर विरोध ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टिकट की आधिकारिक घोषणा से पहले ही स्थानीय स्तर पर उनके संभावित प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध शुरू हो गया है।

भाजपा से जुड़े गायत्री प्रसाद ने वार्ड के लोगों के साथ मिलकर गोपाल अग्रवाल की संभावित उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई है। विरोध करने वालों का कहना है कि पार्टी को टिकट तय करते समय केवल नाम या दावेदारी ही नहीं, बल्कि वार्ड की जमीनी हकीकत और स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय को भी तवज्जो देनी चाहिए।

टिकट की चर्चा और वार्ड में उठे सवाल

गोपाल अग्रवाल के नाम की चर्चा सामने आते ही वार्ड 62 का सियासी तापमान बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर संभावित प्रत्याशी को लेकर समर्थक और विरोधी अपने-अपने समीकरण बनाने में जुट गए हैं। वहीं, विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं ने साफ संकेत दिए हैं कि स्थानीय राय की अनदेखी उन्हें मंजूर नहीं है।

गायत्री प्रसाद का कहना है कि चुनावी मैदान में पार्टी के लिए सबसे मजबूत चेहरा वही हो सकता है, जिसकी वार्ड में लोगों के बीच पकड़ हो और जो स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ लंबे समय से सक्रिय रहा हो। उनका जोर इस बात पर है कि प्रत्याशी चयन में वार्ड की जनता और संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

भाजपा के लिए 'टिकट' से ज्यादा अब 'बगावत' की चुनौती

नगर निगम चुनाव में भाजपा के सामने एक ओर जीत का लक्ष्य है तो दूसरी ओर टिकट वितरण के बाद संभावित नाराजगी को संभालने की चुनौती भी है। वार्ड 62 में टिकट की घोषणा से पहले ही विरोध सामने आने से पार्टी संगठन के सामने डैमेज कंट्रोल की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि क्या भाजपा संगठन गोपाल अग्रवाल के नाम पर ही आगे बढ़ेगा या वार्ड में उठे विरोध को देखते हुए किसी दूसरे दावेदार पर विचार करेगा।

अंतिम सूची का इंतजार

फिलहाल भाजपा की ओर से वार्ड 62 के प्रत्याशी को लेकर अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। लेकिन नाम सामने आने से पहले ही शुरू हुआ विरोध यह संकेत दे रहा है कि वार्ड 62 में चुनाव सिर्फ विपक्ष से नहीं, पार्टी के भीतर के असंतोष से भी भाजपा को जूझना पड़ सकता है।

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