मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

बीकानेर नगर निगम चुनाव: कल्ला की व्यक्तिगत नाराजगी बनी टिकट में रोड़ा, वार्ड 73 और 74 में फंसा कांग्रेस का पेच

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट वितरण की कवायद तेज होने के साथ ही पार्टी के भीतर गुटीय समीकरण भी सामने आने लगे हैं। बीकानेर नगर निगम के वार्ड 73 और 74 में टिकट…

शेयर करें
बीकानेर नगर निगम चुनाव: कल्ला की व्यक्तिगत नाराजगी बनी टिकट में रोड़ा, वार्ड 73 और 74 में फंसा कांग्रेस का पेच

बीकानेर। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट वितरण की कवायद तेज होने के साथ ही पार्टी के भीतर गुटीय समीकरण भी सामने आने लगे हैं। बीकानेर नगर निगम के वार्ड 73 और 74 में टिकट को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला की पसंद-नापसंद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन दोनों वार्डों में दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जुड़े दावेदारों को टिकट नहीं देने के लिए कल्ला ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

वार्ड 73 में आनंद जोशी मजबूत दावेदार

वार्ड 73 से पूर्व शहर कांग्रेस के महामंत्री रहे आनंद जोशी कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। यह वार्ड सामाजिक समीकरणों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां ब्राह्मण तथा ओबीसी मतदाताओं की अच्छी संख्या है।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा की ओर से इस वार्ड में ब्राह्मण चेहरे को प्रत्याशी बनाए जाने की तैयारी है। ऐसे में कांग्रेस के भीतर भी जातीय और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन चल रहा है। आनंद जोशी की संगठन में सक्रियता और पूर्व में शहर कांग्रेस में महामंत्री की जिम्मेदारी निभाने के कारण उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

हालांकि, पार्टी के अंदरूनी समीकरण उनके रास्ते में बड़ी बाधा बनते नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, आनंद जोशी के पक्ष में नहीं हैं और उन्हें टिकट देने के खिलाफ हैं।

वार्ड 74 में ऋषि व्यास की पत्नी की दावेदारी

इसी तरह वार्ड 74 में कांग्रेस की सोशल मीडिया से लंबे समय से जुड़े रहे ऋषि व्यास की पत्नी टिकट की दावेदार हैं। ब्राह्मण बहुल माने जाने वाले इस वार्ड में व्यास परिवार की स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ है।

ऋषि व्यास को लंबे समय से कल्ला विरोधी खेमे से जुड़े नेता के रूप में देखा जाता रहा है। यही वजह है कि उनकी पत्नी की दावेदारी को लेकर भी कांग्रेस के भीतर राजनीतिक खींचतान की स्थिति बन गई है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों वार्डों में टिकट वितरण केवल चुनावी जीत की संभावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर चल रहे पुराने राजनीतिक समीकरण भी उम्मीदवार चयन को प्रभावित कर रहे हैं।

मदन मेघवाल के सामने चुनौती

टिकट वितरण की प्रक्रिया में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन वार्ड 73 और 74 को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के रुख के सामने वे फिलहाल असहाय नजर आ रहे हैं। पार्टी के अंदर चर्चा है कि कल्ला इन दोनों नामों को लेकर किसी भी सूरत में सहमत होने के मूड में नहीं हैं।

ऐसे में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि स्थानीय संगठन की पसंद, चुनावी जीत की संभावना और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक समीकरणों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

टिकट वितरण से पहले बढ़ी धड़कनें

नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की सूची को लेकर दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। वार्ड 73 और 74 में सामने आया विवाद यह संकेत दे रहा है कि टिकट वितरण की अंतिम प्रक्रिया में स्थानीय दावेदारी से ज्यादा राजनीतिक समीकरण भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि अंतिम निर्णय कांग्रेस की अधिकृत चुनाव समिति और पार्टी नेतृत्व द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल दोनों वार्डों में दावेदारों के बीच मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है और पार्टी के अंदर होने वाली अगली बैठकों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें