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वार्ड 74 में भी कांग्रेस को बड़ा झटका ! खुशबू बिनानी व्यास ने खोला मोर्चा, आज निर्दलीय नामांकन

पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला के कड़े विरोध के चलते टिकट कटने का दावा, कांग्रेस के एक और वार्ड में खुली बगावत

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर उठ रहा असंतोष अब खुली बगावत का रूप लेने लगा है। वार्ड संख्या 74 में कांग्रेस से टिकट की दावेदार रहीं श्रीमती खुशबू…

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वार्ड 74 में भी कांग्रेस को बड़ा झटका !  खुशबू बिनानी व्यास ने खोला मोर्चा, आज निर्दलीय नामांकन

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर उठ रहा असंतोष अब खुली बगावत का रूप लेने लगा है। वार्ड संख्या 74 में कांग्रेस से टिकट की दावेदार रहीं श्रीमती खुशबू बिनानी व्यास ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद अब निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। वह आज निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगी। इससे पहले वार्ड से कांग्रेस के बीकानेर शहर से आनंद जोशी दरबार बगावत का एलान कर दिया था।

युवा कांग्रेस नेता ऋषि कुमार व्यास की धर्मपत्नी हैं खुशबू

खुशबू बिनानी व्यास, युवा कांग्रेस नेता ऋषि कुमार व्यास की धर्मपत्नी हैं। जिनका प्रदेश कांग्रेस में अच्छा प्रभाव है। खुशबू बिनानी व्यास कांग्रेस से वार्ड 74 के लिए टिकट मांगा था, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी सामने आई। राजनीतिक चर्चाओं में यह दावा किया जा रहा है कि पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला के कड़े विरोध के चलते खुशबू बिनानी व्यास को कांग्रेस का टिकट नहीं मिल पाया।

टिकट नहीं मिला तो सीधे मैदान में उतरने का फैसला-

कांग्रेस से टिकट की उम्मीद लगाए बैठीं खुशबू बिनानी व्यास ने अब पीछे हटने के बजाय चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उनका नामांकन वार्ड 74 में कांग्रेस के लिए नई चुनौती पैदा कर सकता है।

खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के कई वार्डों में कार्यकर्ताओं और दावेदारों की नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में वार्ड 74 की बगावत कांग्रेस के लिए एक और राजनीतिक सिरदर्द बन सकती है।

अब मुकाबला हुआ त्रिकोणीय?

खुशबू बिनानी व्यास के निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद वार्ड 74 में चुनावी समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। कांग्रेस के टिकट की दावेदार का ही निर्दलीय प्रत्याशी बनकर मैदान में उतरना पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के लिए चुनौती माना जा रहा है। अब मुकाबला त्रिकोणीय माना है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस अपने असंतुष्ट दावेदार को मनाने में सफल होती है या वार्ड 74 में पार्टी के खिलाफ बगावत चुनाव तक जारी रहती है।

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