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बीकानेर नगर निगम चुनाव : कांग्रेस के टिकटों में दिखी ‘कल्ला की ताकत’, पश्चिम में मदन मेघवाल बेअसर !

सभी 39 वार्डों में डॉ. कल्ला की पसंद, शहर कांग्रेस अध्यक्ष पश्चिम में नहीं दिला पाए एक भी टिकट

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

-पीयूष पुरोहित बीकानेर। नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद अब सिर्फ प्रत्याशियों के नाम ही नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही सियासी ताकत की असली तस्वीर भी सामने…

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बीकानेर नगर निगम चुनाव :  कांग्रेस के टिकटों में दिखी ‘कल्ला की ताकत’, पश्चिम में मदन मेघवाल बेअसर !

-पीयूष पुरोहित

बीकानेर। नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद अब सिर्फ प्रत्याशियों के नाम ही नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही सियासी ताकत की असली तस्वीर भी सामने आने लगी है। टिकटों के बंटवारे ने साफ संकेत दे दिया है कि बीकानेर कांग्रेस में पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला का प्रभाव अभी भी बरकरार है।

सबसे ज्यादा चर्चा बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 39 वार्डों को लेकर है। यहां टिकट वितरण में डॉ. कल्ला की पसंद को प्रमुखता मिलने की बात सामने आ रही है। खास बात यह है कि नए-नवेले शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल अपने ही संगठनात्मक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में एक भी सीट अपनी पसंद के व्यक्ति को नहीं दिला पाए। यानी टिकट वितरण की ‘पिच’ पर डॉ. कल्ला जहां पूरी तरह फ्रंटफुट पर नजर आए, वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल असहाय दिखाई दिए।

पश्चिम में ‘कल्ला मॉडल’, अध्यक्ष की पसंद गायब-बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर सबसे बड़ा संदेश यही माना जा रहा है कि डॉ. बी.डी. कल्ला की राजनीतिक पकड़ अभी भी मजबूत है। 39 वार्डों में टिकट चयन के दौरान उनकी पसंद को तवज्जो मिलने की चर्चा ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक जानकारों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष होने के बावजूद मदन मेघवाल पश्चिम में अपनी पसंद का एक भी प्रत्याशी क्यों नहीं ला पाए?

टिकटों की सूची सामने आने के बाद कांग्रेस के भीतर यह चर्चा तेज है कि संगठन की कमान भले ही मदन मेघवाल के हाथ में हो, लेकिन पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में फैसलों की कमान अब भी डॉ. कल्ला के हाथ में दिखाई दे रही है।

पूर्व में मदन की चली, लेकिन यशपाल भी रहे असरदार-वहीं बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के 41 वार्डों में टिकट वितरण की तस्वीर पश्चिम से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। यहां कई सीटों पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल की पसंद को जगह मिलने की चर्चा है।

हालांकि पूर्व विधानसभा क्षेत्र में भी टिकट वितरण पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। यहां पूर्व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे यशपाल गहलोत की पसंद को भी कई सीटों पर तवज्जो मिलने की बात सामने आ रही है।

अब बागियों को मनाना होगी अगली बड़ी चुनौती-कांग्रेस के लिए असली परीक्षा अब शुरू होगी। टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों में से कितने निर्दलीय मैदान में उतरते हैं, कितने पार्टी के साथ बने रहते हैं और कितने बागियों को मनाने में कांग्रेस सफल होती है—यह आने वाले दिनों में साफ होगा। टिकट वितरण ने कांग्रेस के भीतर पुराने बनाम नए नेतृत्व, संगठन बनाम व्यक्तिगत प्रभाव और पश्चिम बनाम पूर्व के राजनीतिक समीकरणों को भी उजागर कर दिया है।

अब निगाह इस बात पर है कि टिकट बांटने में जिस नेता की चली, क्या चुनावी मैदान में भी उसी का सियासी दांव सफल होगा? नगर निगम चुनाव के नतीजे ही बताएंगे कि कांग्रेस के भीतर उभरा यह शक्ति संतुलन वोटों में कितना बदल पाता है।

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