बीकानेर, 1 सितंबर। सुबह-सुबह बड़े-बड़े बर्तनों में बनता खाना, मशीन से निकलती रोटियां और एक के बाद एक पैक होते भोजन के पैकेट... यह किसी होटल की रसोई नहीं, बल्कि उन 225 सरकारी स्कूलों की केंद्रीयकृत रसोई है, जहां से हजारों बच्चों की थाली के लिए मिड-डे मील तैयार होकर रवाना होता है।
मंगलवार को जिला परिषद की सीईओ एवं स्वीप प्रभारी शैलजा पांडे अचानक अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीयकृत रसोई पहुंचीं। उनके औचक निरीक्षण से रसोई में चल रही भोजन व्यवस्था की पूरी तस्वीर सामने देखा।
डाइट परिसर स्थित केंद्रीयकृत रसोई में पहुंचीं शैलजा पांडे ने भोजन तैयार होने से लेकर उसकी पैकिंग और स्कूलों तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने रसोई में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।
