बीकानेर। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब बीकानेर की सियासत का केंद्र महापौर चुनाव बन गया है। इसी बीच कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री डॉ. बीड़ी कल्ला द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई कवि हूबनाथ पाण्डेय की कविता ‘गिरो गिरो! गिरो’ ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दे दी है। कविता में ‘गिरने’ के बहाने चरित्र, धन, अहंकार, व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों के पतन पर तीखा व्यंग्य किया गया है।
कविता की पंक्तियां—“रुपए के साथ गिरो, चरित्र के साथ गिरो, गर्व के साथ गिरो”—राजनीतिक संदर्भ में पढ़ी जाएं तो भ्रष्टाचार, स्वार्थ और नैतिक पतन पर कटाक्ष के रूप में देखी जा सकती हैं। हालांकि पोस्ट में किस व्यक्ति या घटनाक्रम के संदर्भ में साझा किया, यह स्पष्ट नहीं किया है। इसलिए इसे किसी विशेष नेता, व्यक्ति या दल के खिलाफ है,इसका सीधा अनुमान लगाना सही नहीं है। लेकिन समय महत्वपूर्ण है। बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। भाजपा को 27, निर्दलीयों को 10 और आरएलपी को एक सीट मिली।
बहुमत मिलने के बावजूद महापौर प्रत्याशी चयन के दौरान कांग्रेस के भीतर असहमति खुलकर सामने आई। कांग्रेस ने अनिल कल्ला को महापौर पद का अधिकृत प्रत्याशी बनाया, जबकि वार्ड 50 से कांग्रेस पार्षद नवरत्न डागा ने उनके खिलाफ निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था। इसके बाद 18 सितंबर को डागा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद अनिल कल्ला के सामने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनावी स्थिति काफी साफ हुई। महापौर चुनाव 21 सितंबर को होना है।

