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बीकानेर महापौर चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला संभव, तीन उम्मीदवारों ने भरा नामांकन

कांग्रेस के अनिल कल्ला मैदान में,कांग्रेस के नवरतन डागा ने निर्दलीय पर्चा भरा; भाजपा से सुरेंद्र सिंह शेखावत ने ठोकी ताल

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बीकानेर। बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव को लेकर बुधवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही मुकाबले की तस्वीर सामने आ गई। महापौर पद के लिए कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल…

बीकानेर महापौर चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला संभव, तीन उम्मीदवारों ने भरा नामांकन

Highlights

  1. भाजपा से सुरेंद्र सिंह शेखावत ने ठोकी ताल
  2. कांग्रेस के अनिल कल्ला मैदान में
  3. कांग्रेस के नवरतन डागा ने निर्दलीय पर्चा भरा;

बीकानेर। बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव को लेकर बुधवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही मुकाबले की तस्वीर सामने आ गई। महापौर पद के लिए कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला, कांग्रेस के बागी पार्षद नवरतन डागा और भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत ने नामांकन दाखिल किया है। नवरतन डागा ने कांग्रेस और निर्दलीय—दोनों रूपों में नामांकन दाखिल किए हैं।

कांग्रेस के अनिल कल्ला ने दाखिल किया नामांकन

वार्ड 73 से निर्वाचित पार्षद अनिल कल्ला को कांग्रेस ने महापौर पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कांग्रेस के अधिकृत सिंबल के साथ नामांकन दाखिल किया। कल्ला पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे हैं और उनके नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस के भीतर महापौर पद की दावेदारी को लेकर चल रही खींचतान खुलकर सामने आई।

भाजपा से सुरेंद्र सिंह शेखावत मैदान में

भाजपा ने वार्ड 13 से निर्वाचित पार्षद सुरेंद्र सिंह शेखावत को महापौर पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। शेखावत ने भी बुधवार को नामांकन दाखिल किया। इस तरह नामांकन के बाद महापौर पद की लड़ाई में तीन प्रमुख चेहरे सामने हैं—अनिल कल्ला, नवरतन डागा और सुरेंद्र सिंह शेखावत।

नवरतन डागा ने पार्टी प्रत्याशी के सामने निर्दलीय पर्चा भरा

महापौर पद के लिए कांग्रेस के भीतर से ही वार्ड 50 के नवनिर्वाचित पार्षद नवरतन डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। डागा ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में भी नामांकन दाखिल किया है, लेकिन कांग्रेस पहले ही अनिल कल्ला को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। ऐसे में उनके निर्दलीय नामांकन ने मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है।

डागा ने अपने रुख को कांग्रेस के विरोध के बजाय पार्टी के भीतर अवसर और प्रतिनिधित्व से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने एक ही परिवार को बार-बार अवसर दिए जाने पर भी आपत्ति जताई है।

42 पार्षदों वाली कांग्रेस के सामने अब अंदरूनी चुनौती

कांग्रेस के पास 42 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत है, लेकिन पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के सामने कांग्रेस के ही निर्वाचित पार्षद का निर्दलीय मैदान में उतरना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप से कितने प्रत्याशी मैदान में रहते हैं, यह तस्वीर स्पष्ट होगी।

महापौर चुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की जा सकेगी। महापौर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होना निर्धारित है।

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