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बीकानेर नगर निकाय महापौर चुनाव : शेखावत बनाम कल्ला - राष्ट्रवाद बनाम वंशवाद

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डॉ.अशोक भाटी की कलम वि गत तीन दिनों से बीकानेर नगर निगम के महापौर के चुनाव की सरगर्मियां तेज है और आगामी दो दिनों में यह माहौल और भी परवान पर होगा। धनबल के गणित से देखे तो भाजपा…

बीकानेर नगर निकाय महापौर चुनाव :  शेखावत बनाम कल्ला - राष्ट्रवाद बनाम वंशवाद

Highlights

  1. जनमत का बहुमत डॉ. शेखावत की और जाता दिखता है
  2. एक बड़ा धड़ा वंशवाद के ख़िलाफ़
  3. पार्षदों को अंतरात्मा की आवाज़ सुनने का जो आव्हान

डॉ.अशोक भाटी की कलम

विगत तीन दिनों से बीकानेर नगर निगम के महापौर के चुनाव की सरगर्मियां तेज है और आगामी दो दिनों में यह माहौल और भी परवान पर होगा। धनबल के गणित से देखे तो भाजपा के शेखावत का कल्ला कांग्रेस के अनिल कल्ला से कोई मुकाबला नही है। एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित चल - अचल संपत्ति विवरण के अनुसार शेखावत की पूंजी से अनिल कल्ला की 4 गुना अधिक है। कागजो में संख्या बल देखे तो कांग्रेस के पास अधिक है। लेकिन भाजपा, निर्दलियों पार्षदों की बदौलत जबरदस्त मजबूती से चुनाव लड़ रही है।

80 पार्षदों को अंतरात्मा की आवाज़ सुनने का जो आव्हान -डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने अपने नामांकन के समय पार्षदों को अंतरात्मा की आवाज़ सुनने का जो आव्हान उसने कांग्रेस खेमें को कल्ला कांग्रेस के शहजादे के खिलाफ कर दिया है और खिलाफत और भी प्रभावी हो जाता है जब कांग्रेस में उप महापौर के नाम तय नहीं हो।

बीकानेर को छोटीकाशी कहा जाता है और छोटी काशी के अस्सी को जब महापौर तय करना हो तो जनमत का बहुमत डॉ. शेखावत की और जाता दिखता है, क्योंकि कग्रेस में भी एक बड़ा धड़ा वंशवाद के ख़िलाफ़ है और उनकी संख्या भी 12 से अधिक है।

वैसे श्री अनिल कल्ला परिवार का पिछले 50 वर्षों से कांग्रेस पर एकछत्र राज की राजनीतिक विरासत उनके साथ है, लेकिन बीकानेर के जन मानस में शेखावत का स्लोगन #Bikanermeraparivar ज्यादा चर्चित है, हो भी क्यों नहीं चेतन महादेव के जल चढ़ाते, गुरुद्वारे के लंगर में सेवा से कोराना कालमें चलाए #सांझाचूल्हा में अकबर भाई से साथ चपाती पकाते शेखावत को देखना जनता के लिए नया नहीं है।

1998 से माँग चाहे बीकानेर में बहु-शंकाय विश्विद्यालय की हो या 2019 में बीकानेर में सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी खोलने की, मुद्दा नशे के ख़िलाफ़ हो या बीकानेर के परिधीय क्षेत्र की कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं हेतु सड़क पर संघर्ष का कलेक्ट्रट के ऊँचे बेरीकेट लांघता युवा का नाम है सुरेन्द्र सिंह ...

डॉ. शेखावत के साथ सरकार का वरदहस्त, बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद से वैचारिक जुगलबंदी और अपने नेता की भाव भंगिमा समझने वाले कार्यकर्ताओं की हरफनमौला टीम है वही कांग्रेस प्रत्याशी श्री अनिल कल्ला के साथ में चाचा डॉ. बीड़ी कल्ला का चेहरा, 45 साल का पारिवारिक सियासी अनुभव जरूर है, लेकिन कांग्रेस कैंडिडेट के कई कमजोर पक्ष है।

वही डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने छात्र राजनीति से मुख्य धारा की राजनीति के 28 साल के राजनीतिक कैरियर में किसी साथी को छोड़ा नहीं है 1998 के, 2008 के, और 2018 से साथी आज के रणक्षेत्र में शेखावत के कवच कुंडल बने हुए है.शिक्षा जगत् के ख्यातनाम हस्ताक्षर #Kishorsir का एक पार्षद चुनाव में नुक्कड़ सभा का माइक पकड़ना टीम डॉ. शेखावत के लिए गर्व का विषय है।

जेन जी की ख़ुशी , पलक, सुरभि, सोरभ, प्रगति, पार्थ , चित्रा राहुल, अंकित, मुदित, देवांश जब सुरेन्द्र को अपना हम-उम्र मानकर प्रश्न करते तो लगता है शेखावत 45 के नहीं 21के है।

सबको साथ लेकर चलने की उनके गुण से ही सजातीय बंधुओं के वार्ड 13 के चतुष्कोणीय संघर्ष में 400 से अधिक मतों से दूसरे वार्ड में पार्षद विजय हुए है। और आगे भी विजय होंगे। मित्र Surendra Singh Bikaner को शुभकामनाएं ......

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