बीकानेर । नोखा विधानसभा के मुख्यालय नोखा में बुधवार को कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने नगरपालिका में आयोजित जनसुनवाई से स्थानीय भाजपा नेताओं और वर्तमान मंडल अध्यक्षों की दूरी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना ।
स्थानीय सूत्रों और भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस दूरी का प्रमुख कारण नोखा से भाजपा विधायक रहे बिहारी लाल बिश्नोई और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी खींचतान है और मंत्री सुमित गोदारा ,केंद्रीय मंत्री मेघवाल के कैंप से है । एसे में बीजेपी का बड़ा धड़ा मंत्री गोदारा के ढाई साल के उनके मंत्री कार्यकाल में पहली मर्तबा हुए जन सुनवाई कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी ।
कार्यक्रम में बीजेपी पदाधिकारी रहे अनुपस्थिति
जनसुनवाई के दौरान नोखा के एक भी वर्तमान भाजपा मंडल अध्यक्ष मौजूद नहीं रहा। स्थानीय भाजपा नेताओं की बड़ी संख्या ने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। केवल कुछ गुट विशेष से जुड़े कार्यकर्ता ही कार्यक्रम में दिखाई दिए।इसके विपरीत, कांग्रेस से जुड़े कुछ नेता भी जनसुनवाई में उपस्थित रहे।
पूरे समय मौजूद रहे प्रमुख नेता
- पूर्व प्रधान कन्हैयालाल जाट (सियाग)
- नोखा के प्रधान प्रतिनिधि आत्माराम तर्ड
- शिवराज बिश्नोई
- नरेंद्र चौहान
- नरेंद्र राजपुरोहित
- जगदीश भार्गव
- जेठूसिंह राजपुरोहित
- पूर्व अध्यक्ष महेंद्र संचेती
- निवर्तमान नगरपालिका चेयरमैन नारायण झंवर
खाद्य सुरक्षा योजना के गिव-अप अभियान की जानकारी
मंत्री सुमित गोदारा ने जनसुनवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा योजना के गिव-अप अभियान की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नोखा क्षेत्र में 54 हजार से अधिक लोगों ने योजना छोड़ी है, जबकि 27 हजार नए जरूरतमंद लाभार्थी जुड़े हैं। उन्होंने चोर के पैर कच्चे होने की बात कहते हुए अपने क्षेत्र में गलत काम नहीं होने देने का भी संदेश दिया।
यह कार्यक्रम मंत्री गोदारा का नोखा का पहला दौरा था, जिसमें एनएफएसए लाभार्थियों से संवाद भी हुआ। लेकिन स्थानीय भाजपा इकाई की अनुपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम की चर्चा को आंतरिक गुटबाजी की ओर मोड़ दिया है।