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बीकानेर न्यूज़ : वार्ड 75 में फिर बड़ा ट्विस्ट ! विशाल गोलच्छा का पर्चा बचा, रांका फिर सवालों के घेरे में !

प्रणव भोजक की आपत्ति पर उठे सियासी सवाल; रांका की कंपनी से जुड़े होने का दावा, अब चर्चा—‘भाजपा का सच्चा सिपाही’ बीजेपी के खिलाफ क्यों?

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। बीकानेर नगर निकाय चुनाव में सबसे चर्चित वार्ड 75 एक बार फिर सियासी हलचल के केंद्र में है। भाजपा प्रत्याशी विशाल गोलच्छा के नामांकन पर लगाई गई आपत्ति खारिज होने के बाद…

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बीकानेर न्यूज़ : वार्ड 75 में फिर बड़ा ट्विस्ट ! विशाल गोलच्छा का पर्चा बचा, रांका फिर सवालों के घेरे में !

बीकानेर। बीकानेर नगर निकाय चुनाव में सबसे चर्चित वार्ड 75 एक बार फिर सियासी हलचल के केंद्र में है। भाजपा प्रत्याशी विशाल गोलच्छा के नामांकन पर लगाई गई आपत्ति खारिज होने के बाद जहां गोलच्छा का चुनाव मैदान में बने रहना तय हो गया है, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर चल रही कथित खींचतान को भी चर्चा में ला दिया है।

आपत्ति को किया खारिज -विशाल गोलच्छा के नामांकन पर प्रणव भोजक की ओर से अधिवक्ता आनंद बजाज के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। आपत्ति में गोलच्छा के चुनावी एफिडेविट में गलत जानकारी होने का आरोप लगाते हुए उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की गई थी। हालांकि, जांच-पड़ताल के बाद निर्वाचन प्रक्रिया में आपत्ति को खारिज कर दिया गया, जिससे गोलच्छा का पर्चा बच गया और वे भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी बने हुए हैं। विशाल गोलच्छा की ओर से बीजेपी के सह चुनाव प्रभारी महावीर सैनी और एडवोकेट सुमन कंवर ने की पैरवी।

आपत्ति लगाने वाले के किरदार को लेकर उठे सवाल-बीजेपी के केंडिडेट गोलच्छा के खिलाफ आपत्ति किसी विरोधी दल से जुड़े व्यक्ति या पार्टी ने नहीं की है। इस पूरे मामले में चर्चा आये प्रणव भोजक असल में महावीर रांका का ही आदमी है। वह लम्बे समय से उनके साथ और पारवारिक सदस्य की तरह रहता है। सोशल मिडिया के रांका - प्रणव भोजक की फोटो से यह तस्दीक भी होता है कि वह रांका का बेहद करीबी है।

सवाल भाजपा के ‘सच्चे सिपाही’ पर

यही कड़ी अब वार्ड 75 की सियासत में सबसे बड़ा सवाल बन गई है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि यदि रांका स्वयं को भाजपा का ‘सच्चा सिपाही’ बताते हैं, तो उनके साथ जुड़े व्यक्ति ने ही भाजपा का नामांकन खारिज कराने की कोशिश क्यों की। हालांकि, रांका की प्रत्यक्ष भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन प्रणव भोजक के कथित पारिवारिक संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चाओं ने वार्ड 75 के विवाद को और हवा दे दी है।

‘भाजपा का पर्चा खारिज की कोशिश क्यों?’

वार्ड 75 में पहले ही टिकट को लेकर राजनीतिक खींचतान सुर्खियों में रही है। ऐसे में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के नामांकन को चुनौती दिए जाने से कई सवाल खड़े हो गए। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल उठ रहा है कि जब मुकाबला भाजपा के टिकट पर लड़ने का है, तो भाजपा प्रत्याशी का नामांकन ही चुनौती देने की जरूरत क्यों पड़ी?

क्या यह केवल एक सामान्य चुनावी आपत्ति थी या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति काम कर रही थी? फिलहाल इसका आधिकारिक जवाब बीजेपी का हो सकता है और पूछा ही जायेगा। लेकिन नामांकन खारिज कराने की कोशिश ने वार्ड 75 के सियासी तापमान को जरूर बढ़ा दिया है। कुल मिलाकर चुनावी तस्वीर यही है कि विशाल गोलच्छा का पर्चा खारिज नहीं हो सका। आपत्ति लगाने वाले पक्ष की कोशिश सफल नहीं हुई और भाजपा प्रत्याशी गोलच्छा अब पूरी तरह चुनाव मैदान में हैं।

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