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मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिल रहा प्रोत्साहन— राजस्थान के पहले 15 सरकारी स्कूल शिक्षक बने ‘स्टार टीचर’ CBA में उत्कृष्ट परिणाम और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के लिए शिक्षकों को मिला सम्मान, हर माह होगा उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन

अपडेट:

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार लाने तथा सरकारी विद्यालयों में नवाचार और उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर के नेतृत्व में विभाग द्वारा प्रारंभ की गई ‘स्टार टीचर’ पहल के तहत प्रदेश के आठ सरकारी विद्यालयों के 15 शिक्षकों को राजस्थान के पहले स्टार टीचर के रूप में चयनित किया गया है। यह पहल शिक्षकों क

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मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार लाने तथा सरकारी विद्यालयों में नवाचार और उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर के नेतृत्व में विभाग द्वारा प्रारंभ की गई ‘स्टार टीचर’ पहल के तहत प्रदेश के आठ सरकारी विद्यालयों के 15 शिक्षकों को राजस्थान के पहले स्टार टीचर के रूप में चयनित किया गया है। यह पहल शिक्षकों के समर्पण, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को पहचान देने के साथ ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

26 अक्टूबर को जारी पहली सूची में कॉम्पिटेंसी बेस्ड असेसमेंट (CBA) में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले 11 शिक्षकों तथा कक्षा-कक्ष में नवाचारी शिक्षण गतिविधियों के वीडियो के आधार पर चयनित चार शिक्षकों को स्टार टीचर के रूप में मान्यता दी गई है। चयनित सभी शिक्षकों को शिक्षक ऐप पर डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं, जबकि उनकी सूची शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।

उत्कृष्ट शिक्षकों को पहचान और प्रोत्साहन देने की पहल

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अक्टूबर माह में शुरू की गई ‘स्टार टीचर’ पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक परिणाम देने वाले तथा शिक्षण की प्रभावी एवं नवाचारी विधियों को अपनाने वाले शिक्षकों के कार्यों को पहचान और प्रोत्साहन प्रदान करना है। प्रदेश में अनेक शिक्षक विद्यार्थियों की समझ, सहभागिता और सीखने के स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। कई बार उनके द्वारा अपनाए गए प्रभावी प्रयोग विद्यालय स्तर तक ही सीमित रह जाते हैं।

इस पहल के माध्यम से ऐसे शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को व्यापक पहचान प्रदान करने के साथ ही अन्य शिक्षकों को भी उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा। पहल के दो प्रमुख आधार निर्धारित किए गए हैं। इनमें पहला, कॉम्पिटेंसी बेस्ड असेसमेंट के परिणामों के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना तथा दूसरा, कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों की समझ और सक्रिय सहभागिता बढ़ाने वाली नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

CBA परिणामों के आधार पर चयनित हुए 11 शिक्षक

शैक्षणिक उत्कृष्टता की श्रेणी में प्रत्येक संभाग के मार्च 2026 के कॉम्पिटेंसी बेस्ड असेसमेंट (CBA) परिणामों के आधार पर सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों की पहचान की गई। इन विद्यालयों से ऐसे दो से तीन शिक्षकों के नामांकन आमंत्रित किए गए, जिन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

नामांकन प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रयासों के साथ-साथ विद्यालय स्तर पर किए गए सामूहिक प्रयासों को भी मान्यता प्रदान की गई। विद्यालयों से प्राप्त नामांकनों का सत्यापन संबंधित विद्यालयों के एनआईसी कोड के आधार पर प्रथम रैंक वाले विद्यालयों की सूची से किया गया तथा दोहराई गई प्रविष्टियों को हटाया गया। इस चक्र में अजमेर, चूरू, जयपुर और कोटा संभाग से नामांकन प्राप्त हुए।

CBA परिणामों के आधार पर चयनित 11 शिक्षकों का विवरण इस प्रकार है—

1. राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, भगवंतगंज, अजमेर संभाग: बीना झा, ग्रेस डेवी एवं मधु माहेश्वरी। 2. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, धानी टेटरवाल, चूरू संभाग: भागीरथ, मुकेश कुमार, रामनिवास साहू एवं सुरेंद्र कुमार नाई। 3.राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसोरा, जयपुर संभाग: आशा यादव एवं महेश सिंह राठौड़। 4.राजकीय प्राथमिक विद्यालय, इंद्रा कॉलोनी डाबी, कोटा संभाग: अनवर हुसैन खिलजी एवं रजनी गौतम।

इन शिक्षकों को उनके विद्यालयों के उत्कृष्ट CBA परिणामों में योगदान के लिए स्टार टीचर के रूप में चयनित किया गया है। यह उपलब्धि बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल करने में शिक्षकों की भूमिका और सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित करती है।

नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के लिए चार शिक्षकों का चयन

‘स्टार टीचर’ पहल के अंतर्गत कक्षा-कक्ष में नवाचार को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसके लिए प्रदेशभर के शिक्षकों से अपनी कक्षाओं में अपनाई गई प्रभावी शिक्षण गतिविधियों के संक्षिप्त वीडियो आमंत्रित किए गए। इनमें शैक्षणिक खेल, शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) का रचनात्मक उपयोग तथा कठिन अवधारणाओं को सरलता से समझाने वाली गतिविधियां शामिल थीं।

शिक्षकों ने अपने वीडियो यूट्यूब अथवा वीमियो पर अपलोड कर उनके लिंक ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से साझा किए। प्राप्त प्रविष्टियों का निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण किया गया। इस श्रेणी में चयनित चार शिक्षकों के नाम इस प्रकार हैं—

1. दिनेश त्रिवेदी — राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, इंद्रा नगर। 2. राजेंद्र कुमार मीना — राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देवली। 3. मीनाक्षी अग्रवाल — राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मणिहारी। 4. ईश्वर साद — राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, म्याला बी।

इन शिक्षकों को विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने, जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझाने तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री के रचनात्मक उपयोग पर आधारित नवाचारी अभ्यासों के लिए चयनित किया गया है।

निर्धारित मापदंडों के आधार पर हुआ मूल्यांकन

नवाचारी शिक्षण गतिविधियों के वीडियो का मूल्यांकन चार निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया गया। प्रत्येक मापदंड के लिए पांच अंक निर्धारित किए गए तथा कुल 20 अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।

मूल्यांकन में पढ़ाई जा रही अवधारणा से गतिविधि का जुड़ाव एवं उसकी विशिष्टता, गतिविधि के उद्देश्य और अपेक्षित परिणामों की स्पष्टता, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) का रचनात्मक उपयोग शामिल था।

इसके साथ ही यह भी देखा गया कि संबंधित गतिविधि पारंपरिक व्याख्यान एवं ब्लैकबोर्ड आधारित शिक्षण से आगे बढ़कर विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कठिनाइयों को दूर करने में कितनी प्रभावी है। गतिविधि के बाद विद्यार्थियों की अवधारणाओं को समझने और उनका व्यावहारिक उपयोग करने की क्षमता को भी मूल्यांकन का आधार बनाया गया। निर्धारित मापदंडों के अनुसार सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले वीडियो में से चार शिक्षकों का चयन किया गया।

शिक्षक ऐप पर डिजिटल प्रमाण पत्र, शाला दर्पण पर सूची

चयनित सभी स्टार टीचर को शिक्षक ऐप पर डिजिटल प्रमाण पत्र यानी सम्मान पत्र प्रदान किए गए हैं। शिक्षक इन प्रमाण पत्रों को डाउनलोड कर साझा भी कर सकते हैं। चयनित शिक्षकों की सूची शाला दर्पण पोर्टल पर प्रकाशित की गई है, जिससे प्रदेशभर के शिक्षक, विद्यालय प्रमुख, विभागीय अधिकारी और समुदाय उनके उत्कृष्ट कार्यों से परिचित हो सकेंगे।

डिजिटल माध्यमों से सम्मान एवं उपलब्धियों को साझा करने की यह व्यवस्था शिक्षकों के कार्यों को व्यापक पहचान देने के साथ ही अन्य विद्यालयों में भी प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

हर माह होगा उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन

स्कूल शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, ‘स्टार टीचर’ पहल प्रत्येक माह संचालित की जाएगी। शिक्षक अपने विद्यार्थियों के CBA परिणामों में सुधार लाने के प्रयासों अथवा निर्धारित ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से नवाचारी शिक्षण अभ्यासों के वीडियो प्रस्तुत कर इस मान्यता के लिए चयनित हो सकेंगे।

इस पहल से प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा, नवाचार और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है। एक विद्यालय में अपनाई जा रही प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को दूसरे विद्यालयों तक पहुंचाने से शिक्षक समुदाय को नए प्रयोगों और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के लिए प्रेरणा मिलेगी।

शिक्षकों का उत्साहवर्धन, विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की दिशा में कदम

पहले चक्र में चयनित एक स्टार टीचर ने इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “कई शिक्षक वास्तव में छात्रों के लिए सार्थक काम करने की कोशिश कर रहे हैं और दिन-रात बहुत मेहनत कर रहे हैं। प्रोत्साहन और सहयोग के लिए एक बार फिर धन्यवाद। इसने मुझे अपने छात्रों के लिए और भी बेहतर काम करने के लिए प्रेरित किया है।”

‘स्टार टीचर’ पहल मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति मंशा को साकार करने तथा शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर के नेतृत्व में सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पहल के माध्यम से शिक्षकों के समर्पण और नवाचार को सम्मानित करते हुए विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार, शिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि तथा प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ————— राजेश/मोहन

संलग्न दस्तावेज़: फाइल 1

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार (जिला जयपुर) · 03 नवम्बर 2026, 12:49 PM — मूल विज्ञप्ति

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

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