मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

हर बच्चे का स्कूल में प्रवेश, शिक्षा विभाग का संकल्प—‘राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान’  -प्रति 1,000 बालकों पर 1,143 बालिकाएं, सरकारी स्कूलों में बढ़ा बेटियों का भरोसा -शिक्षा से वंचित हर बच्चे की होगी पहचान, स्कूल में प्रवेश दिलाने को चलेगा विशेष अभियान -सरकारी स्कूलों में पांच साल बाद बढ़ा नामांकन, 72

अपडेट:

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर की मंशानुरूप तथा स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश कुमार यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में ‘राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान’ शुरू किया गया है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़कर शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जाए। अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जिनका पूर्व में किसी विद्यालय में नामांकन नहीं हुआ है अथव

शेयर करें

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर की मंशानुरूप तथा स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश कुमार यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में ‘राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान’ शुरू किया गया है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़कर शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जाए। अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जिनका पूर्व में किसी विद्यालय में नामांकन नहीं हुआ है अथवा जो किसी कारण से विद्यालय से बाहर हैं। आधिकारिक नामांकन प्रक्रिया 25 जुलाई को पूर्ण हो चुकी है। अभियान दो चरणों में संचालित किया जा रहा है।

हर शिक्षक को एक बच्चे की जिम्मेदारी

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश कुमार यादव ने कहा कि “हर प्रधानाचार्य एक शिक्षक को एक बच्चे की जिम्मेदारी सौंपेंगे। शिक्षक बच्चे के परिवार से संपर्क कर उसका विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करेंगे तथा संबंधित विवरण शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। हर नामांकन की डैशबोर्ड के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी।” उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

प्रधानाचार्य अपने विद्यालय क्षेत्र के गांवों, ढाणियों एवं अन्य बस्तियों में सर्वे कर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करेंगे। यदि विद्यालय क्षेत्र में कोई भी बच्चा नामांकन से वंचित नहीं पाया जाता है तो संस्था प्रधान द्वारा इसका प्रमाण-पत्र मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) को दिया जाएगा। ब्लॉक कार्यालय से प्राप्त जानकारी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) को भेजी जाएगी।

नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग

अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर जिलेवार नामांकन की प्रगति पर नजर रखेंगे। जिला कलेक्टर प्रत्येक माह अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे, जबकि विद्यालय स्तर पर साप्ताहिक आधार पर नामांकन की ट्रैकिंग की जाएगी। अभियान में बालिकाओं, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, प्रवासी एवं बाल श्रमिक बच्चों, आदिवासी एवं घुमंतू समुदाय के बच्चों तथा समाज के अन्य कमजोर वर्गों के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ड्रॉपआउट कम करने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर जोर

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को ड्रॉपआउट दर कम करने, शिक्षा से वंचित प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने तथा स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नामांकन बढ़ाने के साथ प्राथमिक स्तर पर बच्चों को विद्यालय में बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती के निर्देश भी जिला स्तरीय अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि शिक्षक की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। यदि किसी क्षेत्र में बच्चा शिक्षा से वंचित है, लेकिन किसी कारण से उसका तत्काल विद्यालय में नामांकन नहीं हो पा रहा है, तो संस्था प्रधान द्वारा बच्चे का विवरण CBEO को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे आगे CDEO को भेजा जाएगा।

सरकारी स्कूलों में पांच साल बाद नामांकन में बढ़ोतरी

राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में पांच साल बाद पहली बार नामांकन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई 2026 तक सरकारी विद्यालयों में कुल 72,98,854 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या 72,50,496 थी। इस प्रकार कुल नामांकन में 48,358 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं का नामांकन बालकों से अधिक रहा है। कुल नामांकन में 53.3 प्रतिशत बालिकाएं और 46.7 प्रतिशत बालक हैं। वर्तमान में 38,92,355 बालिकाएं तथा 34,06,486 बालक सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इस प्रकार प्रत्येक 1,000 बालकों पर लगभग 1,143 बालिकाएं नामांकित हैं। श्री यादव ने बताया कि इस वर्ष सरकारी विद्यालयों में लगभग 4.86 लाख अधिक बालिकाओं का नामांकन हुआ है, जो बालिका शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास और जागरूकता को दर्शाता है।

कई जिलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

नामांकन में वृद्धि वाले जिलों में बांसवाड़ा में 11,939, उदयपुर में 9,448, जालोर में 5,485, बाड़मेर में 5,937 तथा सिरोही में 4,295 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं कुछ जिलों में पिछले वर्ष की तुलना में नामांकन में कमी भी दर्ज हुई है। अजमेर में 2,915, अलवर में 492, चूरू में 259, दौसा में 3,534, डीडवाना-कुचामन में 1,320, श्रीगंगानगर में 1,974, जयपुर में 1,618, जोधपुर में 3,967, कोटपूतली-बहरोड़ में 1,639, नागौर में 134, फलोदी में 398, सीकर में 4,064 तथा टोंक में 1,961 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है।  शिक्षा विभाग द्वारा इन जिलों में भी नामांकन की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्कूल से बाहर बच्चों को चिह्नित करने, ड्रॉपआउट रोकने तथा अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य—हर बच्चे तक शिक्षा की पहुंच

‘राजस्थान शिक्षा सेतु अभियान’ के माध्यम से शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल नामांकन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़कर उसकी शिक्षा निरंतर बनाए रखना है। अभियान में प्रशासनिक तंत्र, शिक्षकों और समुदाय की संयुक्त भागीदारी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गांव, ढाणी अथवा दूरस्थ क्षेत्र का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। ————— मोहन/राजेश यादव

संलग्न दस्तावेज़: फाइल 1

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार (जिला जयपुर) · 03 नवम्बर 2026, 12:48 PM — मूल विज्ञप्ति

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिल रहा प्रोत्साहन— राजस्थान के पहले 15 सरकारी स्कूल शिक्षक बने ‘स्टार टीचर’ CBA में उत्कृष्ट परिणाम और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के लिए शिक्षकों को मिला सम्मान, हर माह होगा उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन

राजस्थान
चंबल में अवैध रेत खनन और जोजरी नदी के प्रदूषण पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुख्य सचिव की चर्चा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना और नदी संरक्षण के प्रयासों से कराया अवगत

चंबल में अवैध रेत खनन और जोजरी नदी के प्रदूषण पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुख्य सचिव की चर्चा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना और नदी संरक्षण के प्रयासों से कराया अवगत

राजस्थान

कैबिनेट सचिव से मिले मुख्य सचिव डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन तथा ज्ञान भारतम् मिशन की प्रगति से कराया अवगत प्रदेश में 24 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सत्यापित सर्वेक्षण, लगभग एक लाख 61 हजार का डिजिटलीकरण

राजस्थान