जयपुर, 29 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लगभग 345 करोड़ रुपये के लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान किया है। राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल से प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम की मार झेल रहे किसानों को आर्थिक संबल मिला है।
दीपावली पर भजनलाल सरकार की किसानों को बड़ी सौगात, लगभग 345 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान
अपडेट:
प्रदेश के नौ जिलों के किसानों को बड़ी राहत, लंबे समय से लंबित फसल बीमा दावों का हुआ निस्तारण

कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन एवं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा लंबित फसल बीमा दावों के निस्तारण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जयपुर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, पाली, सिरोही, चूरू, जालोर एवं डूंगरपुर जिलों के पात्र बीमित किसानों के फसल बीमा दावों के भुगतान की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
पश्चिमी राजस्थान के सूखा प्रभावित किसानों को बड़ी राहत, 318 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान
कृषि आयुक्त ने बताया कि रबी 2025-26 के दौरान सूखे से प्रभावित पश्चिमी राजस्थान के किसानों को राहत प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने अधिसूचित बीमा कंपनियों एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड एवं रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से लगभग 318 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान करवाया है।
इसके अंतर्गत बाड़मेर जिले के किसानों को 53.60 करोड़ रुपये, बीकानेर को 116 करोड़ रुपये, जोधपुर को 48 करोड़ रुपये, पाली को 31 करोड़ रुपये, चूरू को 25.85 करोड़ रुपये तथा जालोर जिले के पात्र किसानों को 43.58 करोड़ रुपये का फसल बीमा दावा भुगतान किया गया है।
इस पहल से सूखे के कारण फसल नुकसान का सामना करने वाले किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
राज्य स्तरीय समिति के निर्णयों पर त्वरित कार्रवाई, 17.60 करोड़ रुपये का भुगतान
श्री गोयल ने बताया कि राज्य सरकार किसानों की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति की बैठक में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की आपत्तियों को अस्वीकार करते हुए डूंगरपुर एवं जालोर जिलों के किसानों को 17.60 करोड़ रुपये के लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे।
कृषि विभाग ने इन निर्णयों की तत्काल पालना सुनिश्चित कराते हुए जालोर जिले के खरीफ 2024 के लंबित फसल बीमा दावों के 10.64 करोड़ रुपये तथा डूंगरपुर जिले के खरीफ 2025 के फसल बीमा दावों के 6.96 करोड़ रुपये संबंधित बीमा कंपनी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में जमा करवा दिए हैं।
यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा तथा बीमा कंपनियों के स्तर पर लंबित प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जयपुर जिले के किसानों को 9.50 करोड़ रुपये की राहत, उच्चतर औसत उपज के आधार पर हुआ भुगतान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जयपुर जिले की दूदू तहसील के किसानों को भी बड़ी राहत प्रदान की गई है।
खरीफ 2025 के दौरान दूदू तहसील की कुछ बीमा इकाइयों में निर्धारित संख्या में फसल कटाई प्रयोग संपादित नहीं होने के कारण किसानों के फसल बीमा दावों का भुगतान अटका हुआ था।
राज्य सरकार के प्रयासों से उच्चतर औसत उपज के आधार पर पात्र बीमित किसानों के लंबित फसल बीमा दावों के 9.50 करोड़ रुपये का भुगतान अधिसूचित बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के माध्यम से करवाया गया है।
इस निर्णय से लंबे समय से बीमा दावा भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को आर्थिक राहत मिली है।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों के संरक्षण, कृषि क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण तथा खेती को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सूखे एवं प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि दीपावली के अवसर पर लगभग 345 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान किसानों के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके परिश्रम के सम्मान और उनके परिवारों में खुशहाली लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी भी पात्र किसान को फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना पड़े। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा बीमा कंपनियों के साथ नियमित समन्वय, लंबित प्रकरणों की सतत समीक्षा तथा किसानों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
राज्य सरकार किसानों की आय की सुरक्षा, कृषि जोखिमों को कम करने तथा संकट के समय अन्नदाताओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है।
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