जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में फर्जी पॉलिसियां बनाए जाने की शिकायतों को लेकर राजस्थान कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। खरीफ 2026 के दौरान टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फसल बीमा से जुड़ी शिकायतों की जांच कराई गई। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद कृषि विभाग ने संबंधित किसानों, सीएससी/ई-मित्र संचालकों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गोपनीय सूचना के बाद शुरू हुई जांच-कृषि विभाग को इन क्षेत्रों में फर्जी तरीके से फसल बीमा कराए जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई। जांच में बीमा पॉलिसियों से संबंधित रिकॉर्ड और भूमि संबंधी विवरणों में अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
भूमि रिकॉर्ड और फसल की जानकारी में गड़बड़ी का आरोप-जांच में सामने आए मामलों में कथित तौर पर भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर, गलत विवरण के आधार पर पॉलिसी तैयार करने और बिना वास्तविक खातेदार की जानकारी के बटाईदार के रूप में बीमा कराने जैसी अनियमितताओं की बात सामने आई है। ऐसे मामलों में बीमा पॉलिसी के जरिए भविष्य में गलत तरीके से क्लेम हासिल करने की आशंका रहती है।
