जयपुर। राजस्थान में छोटे और सीमांत किसानों को महंगे कृषि यंत्रों के खर्च से राहत देने के लिए शुरू की गई फ्री रेंटल स्कीम हजारों किसानों के लिए मददगार साबित हुई। राजस्थान कृषि विभाग के अनुसार इस योजना के तहत 31,326 किसानों को उनकी मांग के अनुसार मुफ्त कृषि यंत्र सेवा उपलब्ध कराई गई। कृषि विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार योजना के दौरान ट्रैक्टर एवं विभिन्न कृषि उपकरणों की मदद से किसानों की 54,782 एकड़ भूमि पर कुल 88,092 घंटे कृषि कार्य किया गया। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए शुरू की गई थी जिनके पास कम भूमि है और वे महंगे कृषि उपकरण खरीदने की स्थिति में नहीं हैं।
ढाई एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को मिला फायदा-फ्री रेंटल योजना का मुख्य उद्देश्य ढाई एकड़ से कम भूमि वाले छोटे किसानों को कृषि यंत्रीकरण का लाभ पहुंचाना था। योजना के तहत कृषि विभाग ने टैफे कंपनी के माध्यम से किसानों को ट्रैक्टर और कृषि उपकरण उपलब्ध कराए। निर्धारित अवधि में पात्र किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार मुफ्त सेवा दी गई। इससे किसानों को जुताई सहित विभिन्न कृषि कार्यों के लिए महंगे निजी कृषि यंत्र किराए पर लेने या खुद मशीन खरीदने के खर्च से राहत मिली।
जयपुर के किसानों ने सबसे ज्यादा उठाया लाभ-जिलेवार आंकड़ों में जयपुर जिला सबसे आगे रहा, जहां 3,680 किसानों को इस योजना का लाभ मिला। इसके बाद सीकर में 3,592, अलवर में 2,755, झुंझुनूं में 2,687 और नागौर में 2,406 किसानों को मुफ्त कृषि यंत्र सेवा मिली। टोंक, करौली, जोधपुर, अजमेर, बारां और भरतपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों के किसान भी योजना से लाभान्वित हुए।
