


जयपुर, 01 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवा सोच, वरिष्ठजनों का अनुभव और मातृशक्ति की सहभागिता विकास की नई राह प्रशस्त कर सकती है। उन्होंने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि बेटियों के शिक्षित और सशक्त होने से परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव मजबूत होती है। ऐसे में समाज के प्रबुद्धजन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा के प्रति जागरुकता बढ़ाने और जरुरतमंद परिवारों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री रविवार को कायमखानी समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प के अनुरूप डबल इंजन सरकार समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत-विकसित राजस्थान के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
शिक्षा समाज की प्रगति का आधार- उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक चेतना समाज की वास्तविक प्रगति का आधार हैं। इसी को लेकर राज्य सरकार ने छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में रहने वाले विद्यार्थियों के मैस भत्ते को 2 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रतिमाह किया है। वहीं, विभिन्न योजनाओं के तहत 26 हजार से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को 17 करोड़ 16 लाख रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत 4 हजार 786 अभ्यर्थियों को कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। वहीं, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं।
