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'ई-जनसुनवाई' से 'नेक्स्ट-जेन जनसम्पर्क' की अवधारणा को मिल रही मजबूती - मुख्य सचिव मुख्य सचिव ने राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में परिवाद निस्तारण की संख्या में उल्लेखनीय सुधार परिवादियों की संतुष्टि स्तर में हुई 12 प्रतिशत की वृद्धि

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जयपुर, 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन को सुदृढ़ बनाने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 की कार्यप्रणाली एवं प्रगति का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय स्थित कॉल सेंटर का निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने परिवाद निस्तारण की दिशा में हुई प्रगति तथा परिवादियों के संतुष्टि स्तर में दर्ज वृद्धि पर प्रसन्न

'ई-जनसुनवाई' से 'नेक्स्ट-जेन जनसम्पर्क' की अवधारणा को मिल रही मजबूती - मुख्य सचिव मुख्य सचिव ने राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन को सुदृढ़ बनाने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 की कार्यप्रणाली एवं प्रगति का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय स्थित कॉल सेंटर का निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव ने परिवाद निस्तारण की दिशा में हुई प्रगति तथा परिवादियों के संतुष्टि स्तर में दर्ज वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि सितंबर 2025 में परिवाद निस्तारण के प्रति परिवादियों का संतुष्टि स्तर 58 प्रतिशत था, जो सितंबर 2026 में बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत हो गया है। इस प्रकार संतुष्टि स्तर में 12 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है।

बैठक में बताया गया कि हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाले परिवादों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सितंबर 2025 में जहां लगभग 2.50 लाख परिवाद प्राप्त हुए थे, वहीं सितंबर 2026 में यह संख्या बढ़कर लगभग 4 लाख हो गई। इसी प्रकार परिवाद निस्तारण की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अक्टूबर 2025 में लगभग 2.48 लाख परिवादों का निस्तारण किया गया था, जबकि सितंबर 2026 में यह संख्या बढ़कर लगभग 4.50 लाख हो गई।

परिवादों के निस्तारण की गति में तेजी आने के साथ ही उनके औसत निस्तारण समय में भी कमी आई है। गत वर्ष सितंबर माह में परिवादों के निस्तारण में औसतन 23 दिन का समय लगता था जो कि अब घटकर 13 दिन रह गया है। इसके साथ ही लंबित परिवादों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने ई-जनसुनवाई के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, कृषि, विद्युत एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं परिवादों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने झुंझुनूं के संपत एवं नागौर के सोमाराम से पेयजल कनेक्शन एवं बोरवेल चालू करवाने, चूरू के ओमप्रकाश से फसल बीमा क्लेम, दौसा के कैलाश मीणा एवं मुकेश से खाद-बीज की उपलब्धता एवं फार्म पॉन्ड की लंबित अनुदान राशि  तथा भीलवाड़ा के पप्पूलाल एवं चित्तौड़गढ़ के भैरूलाल से बिजली मीटर की मरम्मत संबंधी समस्याओं पर चर्चा की। इसी प्रकार कोटपूतली-बहरोड़ के रोहतास एवं बारां के बबलेश से सड़क संबंधी समस्याओं की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉल पर ही संबंधित अधिकारियों को इन प्रकरणों में त्वरित एवं आवश्यक कार्रवाई कर परिवादियों को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवाद निस्तारण केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक परिवादी की समस्या का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। ——————— सविता

संलग्न दस्तावेज़: फाइल 1

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार (जिला जयपुर) · 31 अक्टूबर 2026, 02:24 PM — मूल विज्ञप्ति

Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

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