मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

रांका को टिकट नहीं मिला तो बदले तेवर,बोथरा ने वार्ड 75 में कांग्रेस के पक्ष में खोला मोर्चा

हिंदू धर्मयात्रा के संयोजक रहे हैं गणेश बोथरा

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। नगर निगम चुनाव के बीच वार्ड 75 का मुकाबला अब नए राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। चैत्र प्रतिपदा हिंदू धर्मयात्रा के संयोजक रहे गणेश बोथरा ने वार्ड 75 में कांग्रेस…

शेयर करें
रांका को टिकट नहीं मिला तो बदले तेवर,बोथरा ने वार्ड 75 में कांग्रेस के पक्ष में खोला मोर्चा

बीकानेर। नगर निगम चुनाव के बीच वार्ड 75 का मुकाबला अब नए राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। चैत्र प्रतिपदा हिंदू धर्मयात्रा के संयोजक रहे गणेश बोथरा ने वार्ड 75 में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में खुलकर मतदान की अपील की है। बोथरा की इस अपील के बाद स्थानीय भाजपा खेमे में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

गौरतलब है कि बीकानेर में चैत्र प्रतिपदा हिंदू धर्मयात्रा का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मार्गदर्शन में होता रहा है। ऐसे में धर्मयात्रा के संयोजक की भूमिका निभा चुके बोथरा का कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में सामने आना चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रांका को टिकट नहीं मिलने के बाद बदले समीकरण

गणेश बोथरा को पूर्व नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका के करीबी लोगों में माना जाता है। वार्ड 75 से रांका को भाजपा का टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थक खेमे में नाराजगी की चर्चाएं सामने आई थीं। इसी बीच बोथरा का कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में खुलकर सामने आना भाजपा के लिए नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे रांका समर्थक खेमे की नाराजगी के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, इसका वास्तविक चुनावी असर मतदान और परिणाम के बाद ही सामने आएगा।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में थे, रांका-बोथरा

कुछ समय पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बीकानेर यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की मौजूदगी में वैश्य समाज के प्रतिनिधिमंडल में महावीर रांका और गणेश बोथरा दोनों शामिल हुए थे। अब चुनावी मैदान में बोथरा द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में खुली अपील किए जाने से वार्ड 75 की राजनीति चर्चा में आ गई है।

भाजपा के लिए बढ़ सकती है चुनौती

वार्ड 75 में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे में भाजपा से जुड़े रहे प्रभावशाली स्थानीय चेहरों की नाराजगी कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकती है। बोथरा की अपील कितने मतदाताओं को प्रभावित करती है, यह आने वाले चुनाव परिणाम में सामने आएगा।

फिलहाल इतना तय है कि वार्ड 75 में टिकट वितरण के बाद शुरू हुई नाराजगी अब खुले राजनीतिक समर्थन तक पहुंच गई है और इसने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें