बीकानेर। बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर उठे विवाद ने अब सामाजिक प्रतिनिधित्व और वंशवाद का मुद्दा खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने 80 सदस्यीय नगर निगम में 42 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, लेकिन महापौर पद के लिए पार्टी ने वैश्य समाज के किसी पार्षद को मौका देने के बजाय वार्ड 73 से निर्वाचित पार्षद और पूर्व मंत्री डॉ. बीड़ी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है।
इस फैसले के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया है वार्ड 50 से कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद और वैश्य समाज के नेता नवरतन डागा, जिनका नाम महापौर पद के दावेदारों में चर्चा में था, ने अनिल कल्ला के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया है। नवरतन डागा ने पूर्व मंत्री डॉ. बीड़ी कल्ला पर पार्टी में वंशवाद चलाने का आरोप लगाया है। बीजेपी के घोषित प्रत्याशी डॉ सुरेंद्र शेखावत ने भी डॉ कल्ला पर वंशवाद की बेल को हरा करने का आरोप मढ़ा है।

