राजस्थान रिफाइनरी से खुल रहे निवेश और रोजगार के नये द्वार –मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को ली सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक
जयपुर, 27 जून। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक लेकर एचपीसीएल और एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के अधिकारियों के साथ चर्चा कर सरकारी भूमि को लीज देकर 300 से ज्यादा स्थानों पर पेट्रोल पम्प लगाने के मामले में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान रिफाइनरी राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 80 हजार करोड़ रूपये के इस प्रोजेक्ट से राज्य में नये निवेश, उद्योग और रोजगार संवर्धन को बड़ा बूस्ट मिलेगा। इस योजना के तहत 304 स्थानों की पहचान की जा चुकी है। इन नए रिटेल आउटलेट्स की स्थापना के लिए एचपीसीएल लगभग ₹400 करोड़ का निवेश करेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई तक इस सम्बंध में एक नई नीति तैयार की जाएगी, जिसके तहत सरकारी भूमि एचपीसीएल को लीज (पट्टे) पर उपलब्ध कराई जाएगी ताकि नए पेट्रोल पम्प स्थापित किए जा सकें।
इसके अलावा एचपीसीएल और एचआरआरएल ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि आरटीपीपी अधिनियम के तहत सरकारी विभागों द्वारा ईंधन खरीद में उन्हें प्रेफरेंशियल सप्लायर का दर्जा दिया जाए। इसका उद्देश्य राजस्थान में स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी की क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
बैठक में राज्य सरकार ने एचपीसीएल और एचआरआरएल के साथ मिलकर इन सभी पहलों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हाईब्रिड मोड पर हुई इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान) श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) श्री भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) श्री कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव (यूडीएच) श्री आलोक गुप्ता, प्रमुख सचिव (वित्त) श्री वैभव गलारिया, प्रमुख सचिव (राजस्व) श्री टी. रविकांत,
एचपीसीएल के विपणन निदेशक श्री अमित गर्ग सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।