उपराष्ट्रपति ने किया सम्मान, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में ऐतिहासिक समारोह
जयपुर/बीकानेर, 15 जुलाई। राजस्थान विधानसभा के 75वें अमृत महोत्सव के ऐतिहासिक समापन समारोह में सात बार के विधायक एवं राजस्थान सरकार के पूर्व सिंचाई मंत्री देवीसिंह भाटी को उनके दीर्घकालीन संसदीय अनुभव, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण तथा जनसेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ विधायक के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने प्रदान किया। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रिपरिषद के सदस्य, वर्तमान एवं पूर्व विधायक तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

राजस्थान विधानसभा की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित अमृत महोत्सव लोकतंत्र, संविधान और संसदीय परंपराओं के गौरव का प्रतीक बना। समारोह के दौरान वरिष्ठ एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों को उनके संसदीय जीवन और जनसेवा में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी को सम्मान स्वरूप अभिनंदन पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपने संबोधन में लोकतंत्र की मजबूती, संसदीय मर्यादाओं के संरक्षण, जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
सात बार विधायक रहे देवीसिंह भाटी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में किसान हित, सिंचाई परियोजनाओं के विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्थान तथा विधानसभा में प्रभावशाली जनप्रतिनिधित्व के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके विधायी अनुभव और जनसेवा को देखते हुए राजस्थान विधानसभा द्वारा वरिष्ठ विधायक के रूप में सम्मानित किया जाना उनके सार्वजनिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस सम्मान को केवल देवीसिंह भाटी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि कोलायत विधानसभा क्षेत्र, बीकानेर जिले और पूरे पश्चिमी राजस्थान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बीकानेर की लोकतांत्रिक विरासत का गौरव बताया।
राजस्थान विधानसभा का 75वां अमृत महोत्सव लोकतंत्र, संविधान और संसदीय परंपराओं के संरक्षण का संदेश देने वाला ऐतिहासिक आयोजन रहा, जिसमें वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के सम्मान के माध्यम से नई पीढ़ी को जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।