जयपुर, 01 नवंबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के 'सभी के लिए स्वास्थ्य' के विजन को साकार करने की दिशा में प्रदेश का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूर्ण प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि व्यापक सार्वजनिक-निजी सहभागिता तथा उन्नत एचपीवी पायलट परियोजना के माध्यम से कैंसर स्क्रीनिंग के क्षेत्रीय प्रदर्शन में राजस्थान ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में अब तक 1.58 करोड़ स्तन कैंसर तथा 3.33 करोड़ मुख कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह क्रमशः निर्धारित लक्ष्य का 84 और 87 प्रतिशत है।
राष्ट्रीय गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के अंतर्गत राजस्थान में विकेंद्रीकृत कैंसर उपचार एवं देखभाल संबंधी बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। इस पहल से सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में समेकित देखभाल व्यवस्था को शामिल करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक जांच, सार्वजनिक एवं निजी चिकित्सा संस्थानों के बीच समन्वय तथा स्थानीय स्तर पर उपचार सुविधाओं का विस्तार किया है। इसके माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्तन, मुख एवं सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों की रोकथाम एवं समय पर पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्लोबोकैन की नवीनतम कैंसर रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में प्रतिवर्ष स्तन कैंसर के अनुमानित 4,630 नए मामले सामने आते हैं। इसकी वार्षिक दर प्रति लाख जनसंख्या पर 31 मामले है, जो राष्ट्रीय औसत 31.2 के लगभग समान है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर सक्रिय पहल की जा रही है। इसके तहत 30 वर्ष एवं इससे अधिक आयु की महिलाओं की स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि प्रारंभिक जांच से लेकर उपचार तक की सुविधाएं यथासंभव उनके नजदीक उपलब्ध करवाई जा सकें।