बीकानेर। शरद पूर्णिमा के अवसर पर गंगाशहर स्थित राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में औषधियुक्त खीर वितरण समारोह आयोजित किया गया। भगवान धन्वंतरी और हनुमानजी की विशेष पूजा-अर्चना के बाद 200 से अधिक लोगों को निःशुल्क खीर का प्रसाद वितरित किया गया। केंद्र में सुबह 7:30 बजे से ही प्रसाद लेने के लिए लोगों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
संस्था के उपाध्यक्ष भगवान अग्रवाल ने बताया कि सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार शरद पूर्णिमा पर औषधियुक्त खीर का प्रसाद वितरित किया जाता है। मान्यता है कि यह प्रसाद दमा और श्वांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों के लिए लाभकारी होता है। इसके साथ ही इसे मानसिक और बौद्धिक क्षमता को सशक्त बनाने में भी सहायक माना जाता है।

संस्था के मंत्री बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में रखी जाने वाली खीर को अमृततुल्य माना जाता है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में इस परंपरा का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि केंद्र में पिछले 50 वर्षों से यह परंपरा निरंतर निभाई जा रही है।
