सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पण- उप मुख्यमंत्री
जयपुर, 29 जून। शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 का आयोजन सोमवार को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं को शिक्षा विभूषण, शिक्षा भूषण, प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया। इन भामाशाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग दिया है। इस मौके पर ‘भामाशाह प्रशस्ति’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
समारोह में उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह का दिन केवल सम्मान का नहीं बल्कि आत्मा के उत्सव का दिन है, संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है, उसका समाज के लिए समर्पण।
शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने भामाशाह श्री पूनम चंद राठी का धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी सहायता से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय अब अधिक सुरक्षित व तकनीकी रूप से समक्ष बन रहे हैं।