Skip to content
हिन्दी
BREAKING

मोबाइल छोड़ो, मैदान पकड़ो! रोज एक घंटा खेलें युवा—मांडविया की फिटनेस वाली ‘अपील’

Updated:

नई दिल्ली। आज के दौर में युवाओं का बड़ा वक्त मोबाइल स्क्रीन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन दुनिया में गुजर रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय खेल दिवस पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री…

मोबाइल छोड़ो, मैदान पकड़ो! रोज एक घंटा खेलें युवा—मांडविया की फिटनेस वाली ‘अपील’

Highlights

  1. खेल मंत्री का युवाओं को संदेश शरीर फिट तो भविष्य हिट, खेल को बनाएं रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा
  2. 29 अगस्त को क्यों मनाया जाता है National Sports Day
  3. मांडविया का संदेश—मैदान में उतरिए, फिट भारत गढ़िए

नई दिल्ली। आज के दौर में युवाओं का बड़ा वक्त मोबाइल स्क्रीन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन दुनिया में गुजर रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय खेल दिवस पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने युवाओं को मैदान की ओर लौटने का संदेश दिया है। उन्होंने देश के युवाओं से हर दिन कम से कम एक घंटा खेल या शारीरिक गतिविधि करने की अपील की।

मांडविया ने कहा कि खेल सिर्फ मेडल जीतने या प्रतियोगिता में हिस्सा लेने तक सीमित नहीं है। खेल स्वस्थ शरीर के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करता है।

एक घंटा खेल, जिंदगीभर फायदा

मांडविया का संदेश साफ है—दिनभर की भागदौड़ के बीच युवाओं को अपने लिए कम से कम एक घंटा निकालना चाहिए। यह एक घंटा क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, बैडमिंटन, दौड़ या किसी भी पसंदीदा खेल के नाम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि फिटनेस को केवल जिम या खिलाड़ियों तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है। हर व्यक्ति अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार खेल को जीवन का हिस्सा बना सकता है।

मोबाइल की स्क्रीन से मैदान तक आएं युवा

आज युवाओं की दिनचर्या में मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों का समय लगातार बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में खेलों से जुड़ना शारीरिक और मानसिक फिटनेस के लिए अहम हो गया है। मांडविया ने युवाओं को सक्रिय जीवनशैली अपनाने और खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया।

29 अगस्त को क्यों मनाया जाता है National Sports Day?

भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन देश के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। ध्यानचंद ने भारतीय हॉकी को दुनिया में नई पहचान दिलाई और उनकी खेल प्रतिभा आज भी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा मानी जाती है।

राष्ट्रीय खेल दिवस का मकसद केवल खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद करना नहीं, बल्कि आम लोगों और खासकर युवाओं को खेल एवं फिटनेस के प्रति जागरूक करना भी है।

मांडविया का संदेश—मैदान में उतरिए, फिट भारत गढ़िए

खेल मंत्री की अपील का मूल संदेश यही है कि अगर देश का युवा फिट रहेगा तो देश भी मजबूत बनेगा। एक घंटा खेल का—स्वस्थ शरीर का, मजबूत सोच का और बेहतर भविष्य का।

Share

Comments

0 / 1200

Comments close 30 days after publication.

Related News