बीकानेर। नगर निगम चुनाव के लिए मतदान पूरा होने के साथ ही अब बीकानेर में सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। पार्षदों के चुनाव के बाद अगली चुनौती नगर निगम में बोर्ड बनाने और महापौर चुनाव में बहुमत जुटाने की है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने निर्वाचित पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी की रणनीति पर काम कर सकती हैं।
बीकानेर नगर निगम में 80 वार्ड हैं और महापौर पद सामान्य वर्ग के लिए है। ऐसे में बोर्ड बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा बेहद महत्वपूर्ण होगा।
एक-एक पार्षद पर नजर
मतदान के बाद अब दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर उन वार्डों पर है जहां मुकाबला कांटे का रहा है। निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों ने कई वार्डों में समीकरणों को रोचक बनाया है। ऐसे में परिणाम आने के बाद निर्दलीयों पार्षदों की भूमिका भी अहम हो सकती है।
