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वार्ड 66 के चुनावी समीकरणों ने बढ़ाई दोनों दलों की चिंता

शिक्षित युवा निर्दलीय प्रत्याशी संजना कंवर बनीं मजबूत दावेदार

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में वार्ड संख्या 66 का मुकाबला अब दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है। यहां निर्दलीय प्रत्याशी संजना कंवर ने अपने जनसंपर्क अभियान और लगातार वार्ड में सक्रिय…

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वार्ड 66 के चुनावी समीकरणों ने बढ़ाई दोनों दलों की चिंता

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में वार्ड संख्या 66 का मुकाबला अब दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है। यहां निर्दलीय प्रत्याशी संजना कंवर ने अपने जनसंपर्क अभियान और लगातार वार्ड में सक्रिय मौजूदगी के जरिए चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने का दावा किया है। सिलाई मशीन चुनाव चिन्ह पर चुनाव मैदान में उतरी संजना कंवर खुद को वार्ड की समस्याओं से सीधे जुड़ा हुआ प्रत्याशी बता रही हैं।

संजना कंवर के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने चुनाव से पहले भी वार्डवासियों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई है। रतन बिहारी पार्क में पौधरोपण, अस्पताल, नगर निगम, कचहरी और थाना स्तर से जुड़े कार्यों में वार्डवासियों के साथ खड़े रहने को उनके अभियान का प्रमुख आधार बताया जा रहा है।

जमीनी सक्रियता को बनाया चुनावी हथियार

वार्ड में लगातार जनसंपर्क कर रहीं संजना कंवर का जोर स्थानीय समस्याओं के समाधान और वार्ड के विकास पर है। समर्थकों के अनुसार, उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे वार्ड में नियमित रूप से उपलब्ध रहती हैं और लोगों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं।

दोनों बड़े दलों के सामने चुनौती

वार्ड 66 में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में निर्दलीय संजना कंवर की सक्रियता ने चुनाव को नया मोड़ दे दिया है। समर्थकों का दावा है कि संजना कंवर को विभिन्न वर्गों से समर्थन मिल रहा है और वे परंपरागत दलगत वोट बैंक में सेंध लगाने की स्थिति में हैं।

हालांकि अंतिम परिणाम मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल वार्ड 66 में सिलाई मशीन चुनाव चिन्ह चर्चा का केंद्र बना हुआ है। संजना कंवर का अभियान यदि इसी गति से आगे बढ़ता है तो वे दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के लिए मजबूत चुनौती खड़ी कर सकती हैं।

वार्ड में जाति, धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर मतदान की अपील भी की जा रही है। अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में दिखाई दे रहा यह जनसमर्थन मतदान के दिन कितने वोटों में तब्दील होता है और वार्ड 66 का ताज किसके सिर सजता है।

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