
नई दिल्ली,एनएसआई मीडिया । राजस्थान के स्टेट लेवल वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू की हरियाणा में बेहरहमी से हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि 21 वर्षीय युवक भिवाड़ी के सैदपुर गांव का रहने वाला था।
जानकारी के मुताबिक मोनू को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। जहां उसे बुरी तरह पीटा गया और यातनाएं दी गईं, जिससे वह जिंदगी की जंग हार गया। परिजनों के अनुसार मोनू का फरीदाबाद के तिगांव क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की से पिछले 8 महीनों से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, लेकिन रिश्तेदारी के कारण लड़की का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। मामला तब और बढ़ गया जब करीब एक महीने पहले लड़की घर छोड़कर चली गई और मोनू पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
हालांकि लड़की बाद में दिल्ली से मिल गई थी, लेकिन दोनों परिवारों के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ। 17 मई की सुबह मोनू यह कहकर घर से निकला कि वो पुलिस जांच में शामिल होने फरीदाबाद जा रहा है. परिजनों का आरोप है कि वहां पहुंचते ही लड़की के परिजनों ने उसे रास्ते से उठा लिया. इसके बाद उसे खेतों के बीच बने एक मकान और ट्यूबवेल पर बंधक बनाकर रखा गया।
आरोप है कि मोनू को लगातार तीन दिनों तक डंडों और लाठियों से पीटा गया. उसके शरीर पर ऐसी बेरहमी बरती गई कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी दहलाने वाली निकली. रिपोर्ट में सिर और नाक की हड्डियां टूटी मिलीं, पसलियां फेफड़ों में धंसी हुई थीं और शरीर पर गहरे जख्मों के निशान पाए गए. परिजनों ने बताया कि हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए और बाद में पुलिस को सूचना दी गई.
तीन महिलाओं समेत 15 पर FIR दर्ज
घटना के बाद पूरे सैदपुर गांव में शोक और गुस्से का माहौल है. गांव के लोग इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में 3 महिलाओं समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
मोनू की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रिश्तों और तथाकथित सम्मान के नाम पर इंसान कब तक कानून हाथ में लेते रहेंगे? मोनू स्टेट लेवल का खिलाड़ी था। ऐसे में इस घटना के बाद से खिलाड़ियों में भी दुख का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद मोनू का अंतिम संस्कार किया गया।