जयपुर, 2 नवम्बर। राजस्थान में डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में केंद्र और राज्य के मजबूत समन्वय से इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेगा प्रोजेक्ट्स का हाई स्पीड विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने न केवल कल्याणकारी योजनाओं में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल किया है, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास के मोर्चे पर भी अभूतपूर्व प्रगति की है। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों और उच्चस्तरीय बैठकों ने राजस्थान की लंबित बड़ी परियोजनाओं के तेजी से पूरा होने का मार्ग प्रशस्त किया है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। वर्तमान में केन्द्र सरकार की ओर से चल रही लगभग 2 लाख 61 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं में से 1 लाख 22 हजार करोड़ रुपये की 29 परियोजनाओं का काम 80 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश में प्रगतिरत 82 केन्द्रीय परियोजनाओं पर अब तक 1 लाख 17 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
केन्द्र सरकार द्वारा जारी पैमाना रिपोर्ट के अनुसार बाड़मेर में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी की सौगात मिलने के बाद पेट्रोकेमिकल निकासी एवं विपणन टर्मिनल का कार्य भी 99 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। जोधपुर एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों के लिए नए पैसेंजर टर्मिनल भवन का 480 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण किया गया है, जबकि उदयपुर एयरपोर्ट पर नए एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण भी 88 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसी प्रकार राजस्थान में ऊर्जा, रेलवे, सड़क परिवहन और औद्योगिक गलियारों से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। विद्युत प्रसारण और वितरण क्षेत्र में 19 प्रमुख परियोजनाओं पर 98 हजार 759 करोड़ की लागत से कार्य हो रहा है। इसमें राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी जोन फेज-चतुर्थ की बाड़मेर कॉम्प्लेक्स 6 गीगावाट सोलर प्रोजेक्ट और फतेहगढ़-द्वितीय ट्रांसमिशन सिस्टम जैसी विशाल परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, रेलवे सेक्टर के तहत बीकानेर-मेड़ता-जोधपुर, अजमेर-चित्तौड़गढ़-उदयपुर और सादुलपुर-रतनगढ़ रेल लाइन परियोजना सहित 22 बड़े प्रोजेक्ट्स पर 33 हजार 572 करोड़ से अधिक, राजमार्गों के 22 प्रोजेक्ट्स पर 16 हजार 241 करोड़ रुपये और शहरी सार्वजनिक परिवहन के तहत 14 हजार 222 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर हैं। राज्य को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने के लिए औद्योगिक विकास के क्षेत्र में जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। साथ ही, माही बांसवाड़ा परमाणु विद्युत परियोजना जैसी बड़ी परियोजना की सौगात भी मिली है।
जयपुर के चारों ओर यातायात के दबाव को कम करने के लिए 11 हजार 764 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर रिंग रोड (उत्तर) परियोजना का कार्य केन्द्र सरकार के सहयोग से पूरा किया जाएगा। साथ ही, 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का कार्य भी केन्द्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।