बूंदी, 4 नवंबर को ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के हिस्से के रूप में कृषि विभाग ने मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता पहल शुरू की। विभाग ने किसानों को बाजरा, ज्वार आदि मोटे अनाज की महत्ता बताई।
सप्ताह के अंत में बुधवार को आयोजित “सतत खाद्य प्रणालियां अपनाएं” कार्यक्रम में कृषि विभाग ने मिलेट्स संवर्धन को प्राथमिकता दी। विभाग के अनुसार, यह पहल पारंपरिक फसलों को संरक्षण, कृषि जैव विविधता को बढ़ावा और जलवायु‑अनुकूल खेती के विकल्प प्रदान करने के उद्देश्य से है।
मिलेट्स की खेती के लाभ
बाजरा और ज्वार राजस्थान की जलवायु के अनुकूल हैं, कम पानी की आवश्यकता और कम उर्वरता वाली भूमि में भी उगाई जा सकती हैं। इन फसलों में कीट‑बीमारी का प्रकोप कम रहता है, जिससे सीमित सिंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को आर्थिक लाभ मिलता है।
