पशुपालन और डेयरी विभाग ने बेंगलुरु में दो दिवसीय राष्ट्रीय टेबलटॉप अभ्यास 'वज्र-सैट' का आयोजन किया, जो 4 से 5 नवंबर 2026 तक चला। इस अभ्यास का उद्देश्य मवेशियों में फुट-एंड-माउथ डिजीज (एफएमडी) सीरोटाइप सैट-1 से निपटने के लिए देश की तैयारियों को मजबूत करना है।
भारत में इस बीमारी के मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन अफ्रीका से पश्चिम एशिया तक इसके प्रसार को देखते हुए यह सक्रिय पहल की गई है। अभ्यास में 25 राज्यों, तीन केंद्र शासित प्रदेशों और प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के 83 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
अभ्यास के मुख्य बिंदु और चर्चाएं
प्रतिभागियों ने प्रारंभिक पहचान, प्रयोगशाला पुष्टि, महामारी विज्ञान जांच, जानवरों की आवाजाही नियंत्रण और आपातकालीन टीकाकरण की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया। उद्घाटन सत्र में डॉ. नवीना बी.एम., डॉ. बलदेव आर. गुलाटी और डॉ. जे.के. महापात्रा ने विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
- अभ्यास का विषय 'जल्दी पता लगाएं, तेजी से पुष्टि करें, एक साथ रखें' था।
- समापन सत्र की अध्यक्षता डीएएचडी के अपर सचिव रमाशंकर सिन्हा ने की।
- राज्यों की भागीदारी के साथ वीर्य उत्पादन केंद्रों पर तकनीकी बैठक भी आयोजित की गई।
