मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

सवाई माधोपुर में सरसों फसल पर पेंटेड बग और आरा मक्खी का प्रकोप

अपडेट:

सवाई माधोपुर जिले में सरसों की शुरुआती फसल पर पेंटेड बग और आरा मक्खी का प्रकोप देखा गया है। कृषि विभाग ने किसानों को बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

शेयर करें
सरसों के खेत में फसल का निरीक्षण करते कृषि अधिकारी
— Trees ForTheFuture / Wikimedia Commons (CC BY 2.0)

सवाई माधोपुर जिले में सरसों की शुरुआती अवस्था में पेंटेड बग और आरा मक्खी का प्रकोप सामने आया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेतों का निरीक्षण कर किसानों को कीट नियंत्रण के उपाय बताए हैं।

जिले में प्रमुख तिलहनी फसल की 1 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक लखपत लाल मीना ने बताया कि फसल की शुरुआती अवस्था में इन दोनों कीटों का प्रकोप नुकसानदायक हो सकता है।

फसल को नुकसान पहुँचाने वाले कीट

पेंटेड बग का प्रकोप अंकुरण के तुरंत बाद शुरू होता है, जबकि आरा मक्खी का प्रकोप अंकुरण के 7 से 10 दिन बाद दिखाई देता है। पेंटेड बग काले रंग का होता है जिसके शरीर पर लाल और पीले निशान होते हैं, और यह पौधों का रस चूसता है।

आरा मक्खी की सूंडियां हरे या धूसर रंग की होती हैं जो पत्तियों को कुतरकर केवल डंठल और नसें छोड़ देती हैं। समय पर नियंत्रण न होने से पौधों की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित होता है।

आपके काम की बात: कीट नियंत्रण के उपाय

  • प्रमाणित बीज का उपयोग करें और अनुशंसित बीजोपचार के बाद ही बुवाई करें।
  • फसल की नियमित निगरानी करें और पहले 25-30 दिनों तक विशेष सतर्क रहें।
  • पेंटेड बग के नियंत्रण के लिए क्यूनालफॉस 1.5% डस्ट 6 किलो प्रति बीघा के हिसाब से भुरकाव करें।
  • पेंटेड बग का प्रकोप अधिक होने पर इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल की 0.3 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  • आरा मक्खी का प्रकोप अधिक होने पर मैलाथियान 50 ईसी की 1 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

स्रोत: Times of Rajasthan

स्रोत: Times of Rajasthan

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें