Skip to content
हिन्दी
BREAKING

राजीविका दिवाली मेले में खरीदारी का उत्साह चरम पर , बुधवार को खरीदारी का आखिरी मौका — राजीविका दिवाली मेले के सातवें दिन उमड़े खरीदार , जमकर हुई खरीदारी — हस्तशिल्प , सजावटी सामग्री और घरेलू उपयोग के उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र —  सुबह 10 से रात 9 बजे तक रहेगा आयोजन , प्रवेश निःशुल्क

Updated:

जयपुर , 3 नवंबर। राजीविका दिवाली मेला- 2026 में रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। मेले के सातवें दिन भी बड़ी संख्या में पहुंचे आगंतुकों ने विभिन्न स्टॉल्स पर जमकर खरीदारी की। विजिटर्स ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों , पारंपरिक हस्तशिल्प और आकर्षक सजावटी सामग्री को खूब पसंद किया। स्टॉल्स पर दिनभर खरीदारों की चहल-पहल बनी रही। दिवाली के त्योहार को खास बनाने के लिए आगंतुकों ने अपनी पसंद के अनुसार सजावटी सामान , पारंपरिक कलात्मक वस्तुओं और विभिन

राजीविका दिवाली मेले में खरीदारी का उत्साह चरम पर , बुधवार को खरीदारी का आखिरी मौका — राजीविका दिवाली मेले के सातवें दिन उमड़े खरीदार , जमकर हुई खरीदारी — हस्तशिल्प , सजावटी सामग्र

जयपुर , 3 नवंबर। राजीविका दिवाली मेला- 2026 में रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है।

मेले के सातवें दिन भी बड़ी संख्या में पहुंचे आगंतुकों ने विभिन्न स्टॉल्स पर

जमकर खरीदारी की। विजिटर्स ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी ग्रामीण

महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों , पारंपरिक हस्तशिल्प और आकर्षक सजावटी

सामग्री को खूब पसंद किया। स्टॉल्स पर दिनभर खरीदारों की चहल-पहल बनी रही। दिवाली

के त्योहार को खास बनाने के लिए आगंतुकों ने अपनी पसंद के अनुसार सजावटी सामान ,

पारंपरिक

कलात्मक वस्तुओं और विभिन्न घरेलू उपयोग के उत्पादों की खरीदारी की।

मेले में राजीविका दीदियों के हुनर ,

मेहनत और

रचनात्मकता की झलक देखने को मिल रही है। यहां हस्तनिर्मित हस्तशिल्प , पारंपरिक कलात्मक वस्तुओं , आकर्षक सजावटी सामग्री , हैंडलूम और घरेलू उपयोग के उत्पादों की

विविध रेंज उपलब्ध है। राजस्थान की समृद्ध लोककला और पारंपरिक शिल्पकारी को प्रदर्शित

करते इन उत्पादों ने मेले को खास पहचान दी है। विभिन्न स्टॉल्स पर सजे रंग-बिरंगे

उत्पादों के साथ खरीदारी कर रहे आगंतुकों का उत्साह मेले की रौनक को लगातार बढ़ा

रहा है।

क्ले आर्ट और हैंडमेड क्राफ्ट ने जीता

दिल—

ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों

को मिल रहा प्रोत्साहन स्थानीय कला एवं हस्तशिल्प को नई पहचान देने के साथ महिला

उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रहा है। मेले में ब्लैक पॉटरी और ब्लू पॉटरी की आकर्षक

कलाकृतियों के साथ सजावटी सामान , कोटा डोरिया , मोडल सिल्क , अजरख प्रिंट और बंधेज की साड़ियों एवं

सूट की खूब मांग देखने को मिल रही है। वहीं , टेराकोटा , मीनाकारी और कशीदाकारी के हस्तशिल्प

उत्पाद भी खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा हैंडमेड अगरबत्ती , जूट एवं अन्य हस्तनिर्मित बैग , पापड़-अचार और लेदर उत्पादों की भी

अच्छी बिक्री हो रही है। इन उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की पारंपरिक

कला और उद्यमशीलता को एक नया बाजार मिल रहा है।

फूड स्टॉल्स पर राजस्थानी स्वाद का

जायका—

मेले में खरीदारी के साथ खानपान के

शौकीनों के लिए भी खास आकर्षण मौजूद हैं। 10 से अधिक फूड स्टॉल्स पर दिनभर फूड

लवर्स की भीड़ देखने को मिल रही है। यहां राजस्थानी थाली , बाजरे की खिचड़ी , मिस्सी रोटी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के

साथ दाबेली , फास्ट

फूड , भेल

और नेचुरल हैंडमेड आइसक्रीम सहित कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध हैं। पारंपरिक

राजस्थानी स्वाद से लेकर पसंदीदा स्ट्रीट फूड तक की विविधता आगंतुकों को खूब लुभा

रही है। परिवार और दोस्तों के साथ मेले में पहुंच रहे लोग खरीदारी के साथ खानपान

का भी आनंद ले रहे हैं।

28 अक्टूबर से आयोजित राजीविका दिवाली

मेला- 2026 का

बुधवार , 4

नवंबर को अंतिम दिन है। मेले का आयोजन प्रातः 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक किया जाएगा। मेले में प्रवेश

पूरी तरह निःशुल्क है। ऐसे में शहरवासी अंतिम दिन भी मेले में पहुंचकर ग्रामीण

महिला उद्यमियों के हुनर , राजस्थान की पारंपरिक कला , हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों का आनंद

ले सकते हैं।

———

नेमी चन्द/ब्रजेश

संलग्न दस्तावेज़: फाइल 1

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार (जिला जयपुर) · 03 नवम्बर 2026, 09:09 PM — मूल विज्ञप्ति

Source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

Share

Comments

0 / 1200

Comments close 30 days after publication.

Related News

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली कानून व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक — त्योहारी सीजन में हों सुरक्षा के चाक - चौबंद इंतजाम , यातायात और अग्निशमन की हो पुख्ता व्यवस्था , फील्ड में

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली कानून व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक — त्योहारी सीजन में हों सुरक्षा के चाक - चौबंद इंतजाम , यातायात और अग्निशमन की हो पुख्ता व्यवस्था , फील्ड में उतरें वरिष्ठ अधिकारी , किसी भी घटना पर तुरंत लें संज्ञान , संवेदनशील क्षेत्रों और सोशल मीडिया पर रखी जाए प्रभावी निगरानी

Rajasthan