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सतना–देवेंद्रनगर (53 किमी) एवं रीवा–चुरहट (65 किमी) रेलखंड देश को समर्पित; विंध्य एवं बुंदेलखंड आए करीब, सीधी जिले को बड़ा लाभ

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रेल मंत्री एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सतना–देवेंद्रनगर एवं रीवा–चुरहट रेलखंडों का किया शुभारंभ

सतना–देवेंद्रनगर (53 किमी) एवं रीवा–चुरहट (65 किमी) रेलखंड देश को समर्पित; विंध्य एवं बुंदेलखंड आए करीब, सीधी जिले को बड़ा लाभ
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार
  • रेल मंत्री एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सतना–देवेंद्रनगर एवं रीवा–चुरहट रेलखंडों का किया शुभारंभ
  • हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई देवेंद्रनगर–चुरहट नई यात्री रेल सेवा; स्थानिक विद्यार्थियों, मरीजों व दैनिक यात्रियों के लिए बनेगी जीवनरेखा
  • खनिज संपदा से समृद्ध विंध्य क्षेत्र देश के अन्य प्रमुख औद्योगिक एवं परिवहन केंद्रों से जुड़ा, इलाके की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में सतना - देवेंद्रनगर एवं रीवा - चुरहट नई रेल लाइनों का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर देवेंद्रनगर - चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल , रीवा के सांसद श्री जनार्दन मिश्रा , सीधी के सांसद श्री राजेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी , सतना के सांसद श्री गणेश सिंह , खजुराहो के सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश में, करीब-करीब एक लाख करोड़ के प्रोजेक्ट चल रहे हैं : माननीय रेल मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw #RailInfra4MadhyaPradesh https://t.co/o7Ermadf6P

— Ministry of Railways (@RailMinIndia) October 24, 2026

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में एक नई जीवनरेखा स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी तथा क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा , रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाएगी।

श्री वैष्णव ने देशभर में रेलवे कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख करते हुए श्रीनगर , मिजोरम और पंबन ब्रिज में किए गए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में रावघाट और मध्य प्रदेश में टांडा रोड को हाल ही में रेल नेटवर्क से जोड़ने की उपलब्धि का भी उल्लेख किया।

ललितपुर - सिंगरौली रेल परियोजना के अंतर्गत देवेंद्रनगर - सतना और रीवा - चुरहट रेलखंडों पर रेल परिचालन शुरू होने से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

रेल मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग ₹1 लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें , दोहरीकरण , तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत ललितपुर - सिंगरौली , सतना - रीवा , कटनी - सिंगरौली , जबलपुर - गोंदिया , बीना - भोपाल - इटारसी , इटारसी - नागपुर , रतलाम - खंडवा , इंदौर - बुधनी , इंदौर - दाहोद और इंदौर - मनमाड़ जैसे रेलखंडों पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर राज्य में नई रेल सेवाएं शुरू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। आने वाले वर्षों में 100 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें तथा मेमू और इंटरसिटी जैसी 50 से 60 छोटी दूरी की रेल सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।

स्टेशन पुनर्विकास के संबंध में श्री वैष्णव ने बताया कि खजुराहो स्टेशन को मध्य प्रदेश की संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाली वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अशोकनगर , बालाघाट , व्यौहारी , नैनपुर , नर्मदापुरम , छतरपुर , ओरछा , शिवपुरी , हरपालपुर , छिंदवाड़ा और सिवनी सहित कई स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। राज्य के लगभग 80 रेलवे स्टेशनों को भी पुनर्विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया।

रेल परियोजना से जुड़ी पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं पर जोर देते हुए रेल मंत्री ने अन्ना क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि काटे गए पेड़ों की संख्या से अधिक पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने महाप्रबंधक , मंडल रेल प्रबंधक और जिलाधिकारी को स्थल पर जाकर पौधरोपण का निरीक्षण करने , लगाए गए पौधों के जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर नए पौधे लगाने के निर्देश दिए।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि नई रेल कनेक्टिविटी बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्रों के लिए एक नई शुरुआत है , जिससे उन क्षेत्रों में रेल सेवाएँ पहुँच रही हैं , जो अब तक रेल संपर्क से वंचित थे। उन्होंने इस अवसर को क्षेत्र के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया।

डॉ . यादव ने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर - सिंगरौली रेलवे परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी , जिससे ललितपुर , छतरपुर , पन्ना , सतना , रीवा , सीधी और सिंगरौली क्षेत्रों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुँच मिलेगी , उद्योगों के लिए माल परिवहन सुगम होगा , युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अवसर सृजित होंगे तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी से खनिज संपदा से समृद्ध बुंदेलखंड क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा , विशेष रूप से पन्ना के हीरों के व्यापार को लाभ होगा। उन्होंने मध्य प्रदेश में चलाई जा रही रेलवे परियोजनाओं की भी सराहना की , जिनमें ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग - खंडवा रेल लाइन भी शामिल है।

रीवा - चुरहट रेल लाइन से सीधी जिले को होगा लाभ

रीवा से चुरहट तक लगभग 65 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण लगभग ₹1,070 करोड़ की लागत से किया गया है। इस रेलखंड के अंतर्गत रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ परियोजना को पूर्णता मिली है। चुरहट तक रेल संपर्क स्थापित होने से सीधी जिले के नागरिकों को देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला है।

यह रेल लाइन क्षेत्र के लिए केवल यातायात का नया साधन नहीं , बल्कि विकास के नए अवसरों का माध्यम भी है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों , मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तथा युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को रोजगार एवं व्यावसायिक अवसरों तक पहुँचने में सुविधा मिलेगी। क्षेत्र में चूना पत्थर एवं अन्य खनिजों की उपलब्धता और सीमेंट उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए रेल संपर्क से औद्योगिक गतिविधियों तथा माल परिवहन को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

सतना - देवेंद्रनगर रेल लाइन से औद्योगिक एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

सतना से देवेंद्रनगर तक लगभग 53 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण लगभग ₹873 करोड़ की लागत से किया गया है। इस रेलखंड के अंतर्गत फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम 8 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ परियोजना पूर्ण हुई है।

सतना और आसपास के क्षेत्रों में चूना पत्थर , सीमेंट तथा अन्य खनिज आधारित उद्योगों की महत्वपूर्ण उपस्थिति है। बेहतर रेल संपर्क से सीमेंट , क्लिंकर एवं अन्य माल के परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। इससे उद्योगों की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर होने , सड़क आधारित माल परिवहन पर निर्भरता कम करने तथा भविष्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएँ बढ़ेंगी।

रेल संपर्क से देवेंद्रनगर , नागौद और पन्ना क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीण व्यापारियों को भी बड़े बाजारों तक पहुँचने के बेहतर विकल्प मिलेंगे। कृषि उपज , स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में रेल कनेक्टिविटी सहायक होगी। इसके साथ ही वेयरहाउसिंग , परिवहन , व्यापार और अन्य सहायक गतिविधियों में रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएँ हैं।

नई यात्री रेल सेवा से विद्यार्थियों , मरीजों और दैनिक यात्रियों को सुविधा

देवेंद्रनगर - चुरहट - देवेंद्रनगर नई यात्री रेल सेवा शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के यात्रियों को सतना एवं रीवा के माध्यम से बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे विद्यार्थियों , नौकरीपेशा लोगों , व्यापारियों , मरीजों , किसानों और अन्य दैनिक यात्रियों को आवागमन का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।

नई रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय कृषि उपज , पत्थर शिल्प , हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी। इससे स्थानीय व्यापार , परिवहन , खाद्य सेवाओं और अन्य छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन , स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

विंध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य , ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक महत्व के अनेक स्थलों के लिए जाना जाता है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पन्ना , खजुराहो , रीवा तथा आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुँच आसान बनाने में मदद मिलेगी।

क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में सफेद बाघ सफारी , मुकुंदपुर , चचाई एवं बहुती जलप्रपात , रीवा का किला और गोविंदगढ़ जैसे स्थल शामिल हैं। बेहतर रेल संपर्क से इन स्थलों की यात्रा अधिक सुविधाजनक होने तथा क्षेत्रीय पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएँ हैं। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल , स्थानीय परिवहन , गाइड , हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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