सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने जनजातीय कारीगरों के उत्पादों की बाजार पहुंच को मजबूत करने के लिए भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (ट्राइफेड) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश और ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री एम. राजा मुरुगन सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
इस सहयोग के तहत, ट्राइफेड ट्राइब्स इंडिया के खुदरा बिक्री केंद्रों और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से पात्र जनजातीय कारीगरों की ऑनबोर्डिंग, क्षमता निर्माण और उत्पाद संवर्धन को सुगम बनाएगा। कारीगरों के उत्पादों को 'ट्राइब्स इंडिया–पीएम विश्वकर्मा कलेक्शन' के तहत प्रदर्शित किया जाएगा।
समझौता ज्ञापन के मुख्य बिंदु
इस साझेदारी से सुतार, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, चर्मकार और खिलौने निर्माता जैसे पारंपरिक कारीगरों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। ट्राइफेड बाजार के लिए तैयार उत्पादों के लिए एकत्रीकरण, गुणवत्ता आश्वासन और पैकेजिंग सहायता में सहायता करेगा।
- ट्राइफेड अपने ई-मार्केटप्लेस tribesindia.com पर उत्पादों के प्रचार-प्रसार को सुगम बनाएगा।
- एमएसएमई मंत्रालय संभावित विक्रेताओं की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करने के लिए प्रेरित करेगा और जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन करेगा।
- कारीगरों के उत्पादों को ट्राइफेड के आउटलेट्स पर समर्पित प्रदर्शन और बिक्री स्थान दिया जाएगा।
