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आईआईसीए और आईएएमसी ने वैकल्पिक विवाद समाधान के लिए किया समझौता

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स और हैदराबाद के इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर ने भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को प्रोत्साहन देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को प्रोत्साहन देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए आईआईसीए ने आईएएमसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) ने हैदराबाद स्थित इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर (आईएएमसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार देश में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को प्रोत्साहन देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।

यह सहयोग विशेष क्षमता निर्माण, एमएसएमई मध्यस्थता मदद, नीति की दिशा में अनुसंधान और विकसित भारत@2047 की दिशा में भारत के एडीआर फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा। इस समझौता ज्ञापन पर आईआईसीए के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अमनदीप सिंह पुरी और आईएएमसी के सीईओ एवं रजिस्ट्रार ए. जे. जवाद द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

विशेषज्ञों ने समझौते पर रखी अपनी बात

आईआईसीए के महानिदेशक एवं सीईओ ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने इस सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे अनुकूलित पाठ्यक्रमों और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से विवाद समाधान पेशेवरों का एक विशेष समूह तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र में मध्यस्थता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

आईएएमसी के सीईओ एवं रजिस्ट्रार ए. जे. जवाद ने कहा कि यह संस्थान भारत में विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने के लिए संरचित कार्यक्रम और नीति-उन्मुख अनुसंधान विकसित करने हेतु एक-दूसरे की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए तत्पर है।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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