भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 1,000 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी (एमएम) सब्सिडी जारी कर स्वरोजगार तथा जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
यह सब्सिडी केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-3 में मंत्रालय द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जारी की। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे, मंत्रालय के सचिव भरत खेड़ा, मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, खादी और ग्रामोद्योग आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक तथा विकास आयुक्त (एमएसएमई) कार्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम भारत सरकार की प्रमुख ऋण-संबद्ध सब्सिडी योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से स्थायी स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रशासित इस योजना का राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) करता है। इसके लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (केवीआईबी), जिला उद्योग केंद्र और कॉयर बोर्ड जैसी अन्य नामित कार्यान्वयन एजेंसियां भी सहयोग करती हैं। इस योजना के तहत इच्छुक उद्यमियों को नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक द्वारा स्वीकृत परियोजना ऋण पर मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उद्यमों की दीर्घकालिक स्थिरता एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए केवीआईसी के क्षेत्रीय कार्यालयों और कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान, मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण, बाजार से जुड़ाव, निगरानी व उद्यम की स्थापना के बाद भी सहायता प्रदान की जाती है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से देश के ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
