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सावरकर के विचारों को आत्मसात करना और राष्ट्रप्रेम की विचारधारा को जन जन तक पहुंचाना है - जेठानंद व्यास

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वीर सावरकर की 143वीं जन्मजयंती पर विचार गोष्ठी और पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन बीकानेर। प्रखर राष्ट्रभक्त और महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की 143वीं जन्मजयंती पर गुरुवार को वीर सावरकर पर्यावरण सेवा समिति द्वारा…


वीर सावरकर की 143वीं जन्मजयंती पर विचार गोष्ठी और पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन

बीकानेर। प्रखर राष्ट्रभक्त और महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की 143वीं जन्मजयंती पर गुरुवार को वीर सावरकर पर्यावरण सेवा समिति द्वारा गवर्मेंट प्रेस रोड़ पर डॉ. करणी सिंह स्टेडियम के समीप स्थित उनके स्मारक स्थल पर विचार गोष्ठी और पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में वीर सावरकर के क्रांतिकारी विचारों, हिंदुत्व, सामाजिक सुधार और राष्ट्र सेवा के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्यजनों, समिति सदस्यों और राष्ट्र प्रेमियों ने वीर सावरकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का पुण्य स्मरण किया।

समिति के सचिव मोहित राजपुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानन्द व्यास उपस्थित रहे एवं अध्यक्षता वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने की।
मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार पृथ्वीराज रतनू और विशिष्ट अतिथि के रूप में वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुमन्त व्यास, भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ तथा कर्नल हेम सिंह उपस्थित रहे ।

मुख्य अतिथि बीकानेर पश्चिम विधायक विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि सावरकर के विचारों को आत्मसात करना और राष्ट्रप्रेम की उनकी विचारधारा को जन जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार पृथ्वीराज रतनू ने वीर सावरकर की संपूर्ण जीवनी, विचार एवं राष्ट्र प्रेम के लिए किए गए उनके चुनौतीपूर्ण संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने सावरकर के संघर्षपूर्ण जीवन, दो आजीवन कारावास की सजा और काला पानी की यातनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रतिपादित राष्ट्रवाद ही अखंड भारत की मजबूत नींव है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि वीर सावरकर ने साक्षरता, समाज सुधार और छुआछूत उन्मूलन के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जिन्हें देश कभी नहीं भूल सकता।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सुमन्त व्यास, सुमन छाजेड़ और कर्नल हेम सिंह ने अपने संबोधन में युवाओं से वीर सावरकर की भांति ही राष्ट्र प्रथम की भावना को अपनाने का आह्वान किया।

संस्था के संरक्षक नरेंद्र सिंह बीका ने अतिथियों का साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

कार्यक्रम का संचालन समिति के मुख्य संस्थापक पूर्व पार्षद उम्मेद सिंह राजपुरोहित ने किया।

संस्था सचिव मोहित राजपुरोहित ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में भाजपा नेता मोहन सुराणा, जिला महामंत्री श्याम सिंह हाडला, समिति कोषाध्यक्ष दुष्यंत चौहान, कार्यकारिणी सदस्य ज्ञानप्रकाश यादव, किशन सिंह खींची, शिक्षक नेता रवि आचार्य, अजय खत्री, जेठमल नाहटा, लोकतंत्र सेनानी मूलचंद सोलंकी, किशन चौधरी, सत्यनारायण व्यास, भारती अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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