नोखा । राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, नोखागाँव के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) के निर्माण कार्य का भूमि पूजन (नींव) रखने का कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया गया। विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण गांव के पूर्व सरपंच एवं भामाशाह स्व. चौधरी भीयाराम गोदारा की स्मृति में उनके परिवार द्वारा अपने निजी कोष (2.25 लाख) से करवाया जाएगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्य मधुमालती पालीवाल ने बताया कि स्व. चौधरी भीयाराम गोदारा शिक्षा के महत्व को समझने वाले समाजसेवी एवं भामाशाह थे। भीयाराम गोदारा द्वारा वर्ष 1992 में इस विद्यालय की नींव राजकीय संस्कृत प्राथमिक विद्यालय के रूप में रखी थी। इसके बाद विद्यालय वर्ष 2004 में उच्च प्राथमिक, वर्ष 2010 में प्रवेशिका संस्कृत तथा वर्ष 2025 से वरिष्ठ उपाध्याय (कक्षा 12वीं) के रूप में निरंतर प्रगति कर रहा है। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने तथा विद्यालय के सौंदर्यीकरण में योगदान देने के उद्देश्य से उनके परिवार द्वारा विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए भामाशाह परिवार का आभार व्यक्त किया।
भामाशाह परिवार के सामाजिक कार्यकर्ता मुरली गोदारा ने कहा कि उनके दादाजी स्व. चौधरी भीयाराम गोदारा शिक्षा को सदैव प्राथमिकता देते थे और शिक्षा के माध्यम से समाज एवं गांव के विकास को महत्वपूर्ण मानते थे। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृति एवं शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को जीवंत रखने के उद्देश्य से परिवार द्वारा विद्यालय के मुख्य द्वार का निर्माण करवाया जा रहा है।