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राजस्थान में निवेश बढ़ाने की कवायद, UAE कंपनियों की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर नजर

लेखक Administratorसंपादन: Piyush purohit

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जयपुर। राजस्थान सरकार प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कंपनियों को…

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राजस्थान में निवेश बढ़ाने की कवायद, UAE कंपनियों की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर नजर

जयपुर। राजस्थान सरकार प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कंपनियों को राजस्थान के पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। जयपुर में आयोजित UAE-राजस्थान टूरिज्म एंड इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल बैठक में दोनों पक्षों ने पर्यटन, होटल और विरासत स्थलों के विकास में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

राजस्थान की पर्यटन क्षमता को निवेश से जोड़ने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने UAE के निवेशकों के सामने राजस्थान की पर्यटन क्षमता को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐतिहासिक किले, महल, हवेलियां, रेगिस्तान, वन्यजीव अभयारण्य और समृद्ध कला-संस्कृति मौजूद है। इसके अलावा रत्न एवं आभूषण, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और खनिज क्षेत्र भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं।

शर्मा ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राजस्थान सरकार निवेश परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। सरकार की ओर से निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने और विभिन्न क्षेत्रों के लिए नीतिगत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में UAE की खास दिलचस्पी

बैठक में UAE के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मरी ने कहा कि राजस्थान और UAE दोनों के लिए हॉस्पिटैलिटी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने संकेत दिया कि UAE की कंपनियां राजस्थान के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के अवसर तलाशने को इच्छुक हैं।

विशेष रूप से पर्यटन स्थलों, हेरिटेज प्रॉपर्टीज और होटल परियोजनाओं के विकास में सहयोग की संभावनाएं सामने आईं। UAE की पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञता को राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत के साथ जोड़कर नए प्रोजेक्ट विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

जयपुर-दुबई हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर

बैठक में केवल निवेश ही नहीं, बल्कि पर्यटन और व्यापार को बढ़ाने के लिए जयपुर और दुबई के बीच हवाई संपर्क को और मजबूत करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। बेहतर एयर कनेक्टिविटी से विदेशी पर्यटकों, कारोबारियों और निवेशकों की राजस्थान तक पहुंच आसान हो सकती है।

राज्य के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पर्यटन के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और निर्यात कारोबार को भी UAE के बाजारों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश की संभावनाएं

राजस्थान सरकार UAE कंपनियों को केवल पर्यटन और होटल क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहती। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा में भी निवेश के अवसरों की जानकारी दी। राजस्थान की विशाल सौर एवं पवन ऊर्जा क्षमता विदेशी निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकती है।

सरकार का प्रयास है कि पर्यटन, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में UAE के साथ आर्थिक साझेदारी को और मजबूत किया जाए।

विरासत संरक्षण के साथ विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। सरकार ने शेखावाटी क्षेत्र की 662 ऐतिहासिक हवेलियों को संरक्षण के लिए चिन्हित किया है। ऐसे हेरिटेज भवनों को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी गतिविधियों से जोड़कर रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं।

निवेश से रोजगार और स्थानीय कारोबार को फायदा

यदि UAE की कंपनियां राजस्थान में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश करती हैं तो इसका असर केवल बड़े निवेश तक सीमित नहीं रहेगा। होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, टूर ऑपरेटर, स्थानीय हस्तशिल्प, गाइड सेवाओं और अन्य छोटे कारोबारों को भी इससे फायदा मिल सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी निवेश के साथ बेहतर पर्यटन ढांचा विकसित होने से राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में और मजबूती मिल सकती है।

राजस्थान को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने की कोशिश

राज्य सरकार पहले से ही Rising Rajasthan के तहत निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों पर काम कर रही है। सरकारी निवेश पोर्टल के अनुसार पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा, एग्री-फूड प्रोसेसिंग, ऑटो, केमिकल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को निवेश के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।

स्रोत: NSI MEDIA

विषय:#Rajasthan
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