- असाध्य रोगों के समय पर निदान, विशेषज्ञ उपचार, निरंतर अनुसंधान पर दिया जोर,
- नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान से कम होता है मानसिक तनाव, स्ट्रोक के खतरे कम होते हैं—राज्यपाल
जयपुर, 29 अक्टूबर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को 'इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के 33 वें वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मानव मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र मानव जीवन की अत्यंत जटिल संरचनाओं में है। इसलिए इससे जुड़े रोग केवल उस रोग से ग्रसित व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समुदाय पर भी इसका गहरा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष भारत में करीब 25 लाख लोग स्ट्रोक से पीड़ित होते हैं। यह अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि खराब जीवनशैली के कारण युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है।
श्री बागडे ने न्यूरोलॉजी से जुड़े रोगों के अंतर्गत पार्किंसंस, अल्जाइमर आदि रोगों की चर्चा करते हुए चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे तंत्रिका संबंधी रोगों के लिए समय पर निदान, विशेषज्ञ उपचार, निरंतर अनुसंधान और संवेदनशील एवं मानवीय देखभाल के लिए जागरूकता का प्रसार करें।
