पाली जिले में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई जवाई पुनर्भरण परियोजना का काम ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते रुक गया है। उदयपुर जिले में बनने वाले इन बांधों के डूब क्षेत्र में आने वाले करीब 19 हजार लोगों का पुनर्वास इस योजना के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
इस महत्वकांक्षी योजना के तहत उदयपुर जिले में सेई नदी पर भुजा गांव और साबरमती नदी पर चक सांडमारियामां में बांध का निर्माण किया जाना है। इसके साथ ही क्रमशः 7.42 किलोमीटर और 5.82 किलोमीटर लंबी सुरंगें भी बनाई जानी हैं। इस परियोजना के पूरा होने से पाली जिले के नौ कस्बों और 560 गांवों में पानी की आपूर्ति बेहतर होनी थी, साथ ही जालोर जिले में भी भूजल स्तर सुधरने की उम्मीद थी।
करोड़ों के अनुबंध और मुआवजे का ब्योरा
परियोजना के रिकॉर्ड के मुताबिक, सेई बांध के लिए हैदराबाद की मैसर्स श्री अवंतिका कॉन्ट्रैक्टर्स लिमिटेड को ₹665.80 करोड़ और साबरमती बांध के लिए मैसर्स पीईएस-केएसआर ज्वाइंट वेंचर को ₹590.10 करोड़ का कार्य आदेश 30 जून 2023 को दिया गया था। इन दोनों कार्यों की कुल राशि ₹1255.90 करोड़ है। अनुबंध के अनुसार, कार्य आरंभ करने की तिथि 10 जुलाई 2023 और कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 9 जनवरी 2027 निर्धारित की गई थी।
