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राज निवेश पर सितंबर में  11,739.27  करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दर्ज — मुख्य सचिव अप्रैल से सितंबर तक  31,892  आवेदन स्वीकृत ,  छह माह में पिछले पूरे वित्त वर्ष से अधिक मंजूरियां डीरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन फेज- 1  की सितंबर माह की मासिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट जारी

अपडेट:

जयपुर , 24 अक्टूबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बताया कि सितंबर , 2026 में राजनिवेश पर 11,739.27 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दर्ज हुए हैं। अप्रैल से सितंबर के बीच 31,892 आवेदनों को स्वीकृति दी गई। यह पिछले पूरे वित्त वर्ष में दी गई 29,536 स्वीकृतियों से अधिक है। उन्होंने ‘ डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन फेज- 1’ की सितंबर , 2026 की मासिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने बताया कि रक्षा क्षेत्र में 4,840 करोड़ रुपये , पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र मे

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जयपुर ,

24 अक्टूबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बताया कि सितंबर , 2026 में राजनिवेश पर 11,739.27 करोड़ रुपये के निवेश

प्रस्ताव दर्ज हुए हैं। अप्रैल से सितंबर के बीच 31,892

आवेदनों को स्वीकृति दी गई। यह पिछले पूरे वित्त वर्ष में दी

गई 29,536 स्वीकृतियों

से अधिक है। उन्होंने ‘ डिरेगुलेशन

एंड कम्प्लायंस रिडक्शन फेज- 1’ की

सितंबर , 2026 की

मासिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों की जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने बताया कि रक्षा क्षेत्र

में 4,840 करोड़

रुपये , पर्यटन

एवं आतिथ्य क्षेत्र में 3,058 करोड़

रुपये , सौर

उपकरण निर्माण में 1,000 करोड़

रुपये और अचल संपत्ति क्षेत्र में 744

करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दर्ज हुए। कुल प्रस्तावित निवेश

राशि में इन चार क्षेत्रों की हिस्सेदारी लगभग 82

प्रतिशत रही।

श्री श्रीनिवास ने बताया कि प्रथम चरण

के सभी 23 प्राथमिकता

क्षेत्रों में सुधार पूरे किए गए हैं। इनका उद्देश्य उद्यमियों के लिए प्रक्रियाएं

सरल बनाना , अनुपालन

का भार कम करना और सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है। भूमि रूपांतरण की समयसीमा 90 से घटाकर 45 दिन की गई है। जयपुर विद्युत वितरण निगम

में स्थायी बिजली कनेक्शन के आवेदनों का निस्तारण समय 10 से घटकर 4

दिन और विधिक मापविज्ञान से जुड़े आवेदनों का समय 12 से घटकर 6

दिन रह गया है।

राज निवेश की एकल खिड़की व्यवस्था पर 190 सेवाएं उपलब्ध हैं। अप्रैल से सितंबर , 2026 के दौरान 60,229 आवेदन प्राप्त हुए।

पिछले पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में

34,704 आवेदन

मिले थे। सर्वाधिक उपयोग वाली 10 सेवाओं

के लिए 51,548 आवेदन

प्राप्त हुए , जो

कुल आवेदनों के करीब 86 प्रतिशत

हैं। आवेदनों की निस्तारण दर अगस्त के 47

प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 52

प्रतिशत हो गई।

जिलावार प्रगति की जानकारी देते हुए

मुख्य सचिव ने बताया कि जयपुर 5,501 स्वीकृतियों

के साथ अग्रणी रहा। इसके बाद जोधपुर में 2,577,

अजमेर में 1,808, कोटा

में 1,452 और

हनुमानगढ़ में 1,238 स्वीकृतियां

दी गईं। डीडवाना-कुचामन , सीकर , भीलवाड़ा ,

अलवर और उदयपुर भी अग्रणी जिलों में शामिल रहे। रिपोर्ट में

जिलावार आंकड़ों के आधार पर बाधाओं की पहचान कर सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया

गया है।

पर्यावरण से जुड़े नियमों में सुधार के

तहत श्वेत श्रेणी में शामिल गतिविधियों की संख्या 104

से बढ़ाकर 877 की

गई है। रिपोर्ट में समयबद्ध मंजूरी ,

स्वप्रमाणन , जोखिम

के आधार पर निरीक्षण , श्रम

संबंधी लचीले प्रावधानों और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था जैसी पहलों का भी उल्लेख

है।

मुख्य सचिव ने बताया कि रीको के भूमि

आवंटन से जुड़ी परियोजनाओं में 1,080 करोड़

रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इनसे लगभग 2,100

रोजगार अवसर बनने की संभावना है। पर्यावरणीय मंजूरी की

आवश्यकता वाली और अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने की प्रगति

भी रिपोर्ट में शामिल है।

मुख्य सचिव कार्यालय के अधीन कार्यरत डीरेगुलेशन प्रकोष्ठ ने अलवर के रीको औद्योगिक क्षेत्रों की चुनिंदा इकाइयों का

दौरा भी किया। इनमें स्वच्छ ऊर्जा , वर्षा

जल संचयन , पुनर्चक्रण , कर्मचारी प्रशिक्षण , सुरक्षा अभ्यास और संसाधनों के बेहतर

उपयोग की पहलों का अध्ययन किया गया। डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन फेज-1 की सितंबर, 2026 की विस्तृत मासिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट संलग्न है।

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ईशा/​सविता

संलग्न दस्तावेज़: फाइल 1

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार (जिला जयपुर) · 24 अक्टूबर 2026, 12:41 PM — मूल विज्ञप्ति

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

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