मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत की जयंती पर महेश व्यास के निवास पर हुआ स्मरण कार्यक्रम, उनके जनकल्याणकारी कार्यों को किया याद

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

कर्मचारियों के कल्याण और जनसेवा के प्रति समर्पित रही शेखावत की कार्यशैली : महेश व्यास

शेयर करें
पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत की जयंती पर महेश व्यास के निवास पर हुआ स्मरण कार्यक्रम, उनके जनकल्याणकारी कार्यों को किया याद

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय राजनीति के प्रमुख व्यक्तित्व स्वर्गीय भैरोसिंह शेखावत की जयंती के अवसर पर भाजपा नेता महेश व्यास के निवास पर स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने शेखावत के व्यक्तित्व, कृतित्व और जनकल्याणकारी कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में भाजपा नेता महेश व्यास ने भैरोसिंह शेखावत की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, सुशासन और आमजन के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए, जिनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।

व्यास ने कहा कि भैरोसिंह शेखावत का जीवन सादगी, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव और कार्यकुशलता से राजस्थान की राजनीति में विशिष्ट पहचान बनाई। आमजन की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

उन्होंने कहा कि शेखावत जैसे जननेताओं के विचार और कार्य आज भी सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को प्रेरणा देते हैं। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज और प्रदेश के विकास के लिए कार्य करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम में भैरोसिंह शेखावत के राजनीतिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और राजस्थान के विकास में उनके योगदान का स्मरण किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके बताए जनसेवा और सुशासन के मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।

राजस्थान की राजनीति में अमिट छाप

भैरोसिंह शेखावत राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और देश के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचे। उनका राजनीतिक जीवन संगठन, प्रशासनिक अनुभव और जनसंपर्क के लिए जाना जाता है। राजस्थान के विकास और जनकल्याण से जुड़े उनके कार्यों के कारण उन्हें प्रदेश की राजनीति में आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें